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स्टीफंस और जीसस कॉलेज के लिए अलग से नहीं करना होगा आवेदन

Tue, 24 May 2016 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 24 May 2016 01:49 AM IST
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Stephens and Jesus including centralized application process
दिल्ली विश्वविद्यालय

अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में डीयू के अंतर्गत आने वाले सेंट स्टीफंस और जीसस एंड मैरी कॉलेज में दाखिला पाने के लिए अब छात्रों को अलग से आवेदन नहीं करना होगा। उन्हें डीयू के दूसरे कॉलेजों के लिए बनाई गई केंद्रीयकृत आवेदन प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है।

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हालांकि, दोनों कॉलेज समेत तीन और कॉलेज जो कि अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त है, वह डीयू से अलग अपना कटऑफ निकाल पाएंगे। यह अहम फैसला सोमवार को डीयू की दाखिला समिति की बैठक में लिया गया।
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बैठक में कश्मीरी माइग्रेंट स्टूडेंट को और ज्यादा छूट का तोहफा दिया गया है। वहीं ईसीए स्पोर्ट्स कोटे के दाखिला पाना अब आसान नहीं होगा। बैठक में अभी तक कटऑफ की डेट को लेकर फैसला नहीं लिया गया है। आवेदन 28 मई से 16 जून के बीच सिर्फ ऑनलाइन लिया जाएगा।
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सेंट स्टीफंस और जीसस एंड मैरी कॉलेज डीयू के अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त कॉलेज है। डीयू के अंतर्गत आने के बाद भी वह स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए अलग से आवेदन लेने के साथ कटऑफ निकालते थे। डीयू के अंतर्गत आने वाले तीन और कॉलेज खालसा कॉलेज देव नगर, गुरु गोविंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स और माता सुंदरी कॉलेज ने भी दोनों कॉलेज का हवाला देकर अल्पसंख्यक का दर्जा मांगा।

साथ ही अलग से आवेदन और कटऑफ निकालने का अधिकार भी। डीयू ने इन कॉलेजों दो अल्पसंख्यक का दर्जा देने के साथ कटऑफ निकालने की स्वतंत्रता तो दे दी, लेकिन आवेदन केंद्रीयकृत प्रक्रिया को अपनाने के लिए कहा है।

ईसीए, स्पोर्ट्स कोटे के ट्रायल में 50 फीसदी अंक अनिवार्य

Stephens and Jesus including centralized application process
दिल्ली यूनिवर्सिटी

दाखिला समिति के सदस्य प्रो, आरएन दूबे ने बताया कि बैठक में सेंट स्टीफंस और जीसस एंड मैरी कॉलेज के अलग से आवेदन को लेकर चर्चा हुई । सभी सदस्यों की सहमति से इन कॉलेजों से भी अलग से आवेदन मंगाने का अधिकार वापस ले लिया।

उन्हें (पांचों अल्पसंख्यक दर्जे वाले कॉलेज) सिर्फ डीयू से अलग कटऑफ निकालने का अधिकार दिया गया है, लेकिन पांचों अल्पसंख्यक दर्जे के कॉलेजों को पहली और आखिरी कटऑफ डीयू की कटऑफ डेट के साथ निकालना होगा। वह इससे पहले या बाद में नहीं निकाल पाएंगे।

वहीं स्टीफंस ने कॉलेज ने इसका विरोध भी किया। तर्क दिया कि उन्हें दिक्कत होगी। इस पर दाखिला समिति के सदस्यों ने कहा कि तकनीकी समस्या डीयू और कॉलेज के आईटी विभाग मिलकर हल करेंगे।

ईसीए, स्पोर्ट्स कोटे के ट्रायल में 50 फीसदी अंक अनिवार्य
डीयू ने ईसीए और स्पोर्ट्स कोटे के तहत होने वाले पांच फीसदी सीटों के ट्रायल को कठिन कर दिया है। दाखिला समिति ने कहा है कि अब स्टूडेंट को ट्रायल के दौरान कम से कम 50 फीसदी अंक पाना अनिवार्य होगा। बता दें कि ईसीए का ट्रायल 75 नंबर का होता है तो उसमें उसे 37 से ज्यादा अंक हासिल करने होंगे। स्पोर्ट्स कोटे का ट्रायल 50 अंक का है तो उसे 25 से ज्यादा अंक पाने होंगे। तभी उसे आगे दाखिले के लिए इस कोटे के तहत बनने वाले कटऑफ में जगह मिलेगी।

कश्मीरी माइग्रेंट का डीयू में बढ़ा कोटा
ईसीए स्पोर्ट्स कोटे में जहां दाखिले की राह कठिन हुई है। वहीं कश्मीरी माइग्रेंट स्टूडेंट के लिए अच्छी खबर है। डीयू ने दाखिला समिति ने उनका कोटा बढ़ा दिया है। पहले उन्हें एक कॉलेज में कुल तीन सीट ही रिजर्व मिलती थी। एक स्ट्रीम में सिर्फ एक सीट।

मगर अब स्ट्रीम वाइज पांच फीसदी सीटें उनके लिए आरक्षित कर दी गई हैं। मसलन अगर गणित ऑनर्स में 100 सीट है तो उसमें पांच फीसदी सीट कश्मीरी माइग्रेंट होगी। इसके साथ उन्हें पहले की तरह कटऑफ पर 10 फीसदी का छूट मिलता रहेगा।

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