फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Sridev Suman university third campus will be built in Chamoli .

यहां बनेगा श्रीदेव सुमन विवि का तीसरा परिसर

Tue, 02 Aug 2016 11:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 02 Aug 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
Sridev Suman university third campus will be built in Chamoli .
स्टूडेंट्स - फोटो : demo pic

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का तीसरा परिसर चमोली जिले के गोपेश्वर में बनाया जाएगा। यहां मौजूद राजकीय पीजी कॉलेज में विवि परिसर विकसित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है। इसकी जानकारी संबंधित महाविद्यालय को भी भेज दी गई है।

विज्ञापन


2015 में हुई थी परिसर बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वर्र्ष 2015 में गोपेश्वर के महाविद्यालय में श्रीदेव सुमन विवि का परिसर बनाने की घोषणा की थी। तब से लेकर आज तक यह घोषणा अमल में नहीं आ पाई थी। अब अपर मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक राजकीय पीजी कॉलेज में विवि का परिसर विकसित किया जाएगा।
विज्ञापन


कोर्सेज भी बढ़ाए जाएंगे
यहां विवि के हिसाब से कोर्सेज भी बढ़ाए जाएंगे। विवि का यह तीसरा परिसर होगा। श्रीदेव सुमन विवि की स्थापना के बाद मुख्य परिसर टिहरी के बादशाहीथौल में बनाया गया। यहां से विवि की शुरुआत के बाद सरकार ने सेलाकुई के पास भगवानपुर में विवि का एक और परिसर विकसित करने के आदेश दिए, जिसके लिए जमीन भी विवि को दी जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिसर बनाने की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
अब तीसरा परिसर चमोली के गोपेश्वर में होगा। जल्द ही इसकी आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ.यूएस रावत ने बताया कि परिसर बनाने की प्रक्रिया शासन के निर्देशों के तहत जल्द पूरी की जाएगी।


स्टाफ पर भी ध्यान देने की जरूरत
सरकार ने श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का लगातार दायरा बढ़ाया है। एफिलिएटिंग विवि के तौर पर स्थापित इस विवि के पास करीब 150 संबद्ध कॉलेजों के अलावा प्राइवेट परीक्षाओं की भी जिम्मेदारी है। विवि के पास स्टाफ की बहुत कमी है। परीक्षा नियंत्रक जैसा अहम पद भी खाली है। तमाम पदों पर उपनल और अन्य माध्यमों से आए कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। दायरा बढ़ने के हिसाब से विवि के पास स्टाफ की भी पूर्ति करने की जरूरत है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed