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‘वीसी हटाओ, विवि बचाओ’ आंदोलन छेड़ेगी एसएफआई
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 13 Apr 2016 11:02 AM IST
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विवि में पत्रकारों से बात करते हुए एसएफआई राज्य सचिव सुरेश सरवाल
- फोटो : अमर उजाला
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एसएफआई राज्य सचिव सुरेश सरवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं को लेकर शुरू किया आंदोलन अब बड़ा रूप धारण करने जा रहा है। इसे प्रदेशव्यापी बनाकर वीसी हटाओ, विवि बचाओ के साथ शुरू किया जा रहा है। पूरे प्रदेश भर के कॉलेजों में प्रदर्शन होगा। विवि में पत्रकारों से बात करते हुए सुरेश सरवाल, अध्यक्ष मुनीश सहित राज्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी ज्योति, चंद्रकांत, विजेंद्र ने कहा कि यह छात्र हितों और शिक्षा को बचाने का आंदोलन है।
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एसएफआई मांग करती है कि रूसा के करीब तीस हजार छात्रों के दांव पर लगे भविष्य को बचाने को जल्द रूसा की डिग्री को एमएचआरडी और यूजीसी से मान्यता दिलवाई जाए, इसके साथ ही कॉलेजों से रूसा हटाने, शिक्षकों के रिक्त पद भरने, क्लास रूम जैसी सुविधाएं देने, एससीए चुनाव बहाली के साथ फीस बढ़ोतरी के आंदोलन में शामिल सात छात्रों के निष्कासन को वापस लेने,
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फीस बढ़ोतरी पर गठित कमेटी की सिफारिशों को सार्वजनिक कर बढ़ाई फीस कम करने और विवि में छात्रों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग शामिल है। इन नेताओं ने कुलपति पर आरोप लगाया 2011 से लेकर जब से उन्होंने पदभार संभाला है विवि का शैक्षणिक स्तर गिरा है। केंद्र या यूजीसी से फंड लाने में उनका कोई योगदान नहीं रहा है। यूजीसी नैक की टीम को भेजी गई सेल्फ स्टडी रिपोर्ट में गलत जानकारी देकर गुमराह करने का प्रयास किया गया है।
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प्रदेश में दर्जनों ऐसे कॉलेज हैं, जहां पर बैठने को अपने क्लास रूम तक नहीं है, किराए या उधार के कमरों में कक्षाएं चल रही हैं। उनके कार्यकाल में नेट और जेआरएफ परीक्षा पास करने वालों की संख्या घटी है। इन तमाम खामियों को देखते हुए ही एसएफआई ने वीसी हटाओ विवि बचाओं के नारे के साथ निर्णायक आंदोलन शुरू किया है।
यह रहेगी आंदोलन की रूपरेखा- राज्य सचिव सुरेश सरवाल ने कहा कि आंदोलन के अगले चरण में 18 अप्रैल को विवि सहित पूरे प्रदेश भर में 24 घंटे के धरने प्रदर्शन होंगे, 26 अप्रैल को एचपीयू और कॉलेजों में कुलपति का पुतला जलाया जाएगा। 29 अप्रैल को कॉलेज इकाइयां एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपेंगी। इसके बाद कॉलेजों में क्रमिक अनशन शुरू हो जाएगा।
छठे दिन भी जारी रहा एसएफआई का अनशन- एचपीयू परिसर में एसएफआई का क्रमिक अनशन छठे दिन भी जारी रहा। पुस्तकालय के बाहर एमएमसी के अजय, फॉरेन लैंग्वेज विभाग के रमन और विधि विभाग के छात्र रामपाल अनशन पर बैठे। संगठन कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में मंगलवार को प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर मांगें उठाई।
इस मौके पर इकाई अध्यक्ष नोबल ठाकुर और सचिव विपिन शर्मा ने कहा कि बिना तैयारी के विवि कोर्स जरूर शुरू किए मगर कोर्स पूरा हो जाने पर भी विश्वविद्यालय डिग्री नहीं दे पा रहा है। रूसा भी इसी का एक उदाहरण है, परिसर में एमबीए आरडी और एमएससी पर्यावरण विज्ञान की डिग्री के एक एक बैच पास आउट भी हो गए है, मगर अभी तक विवि इन डिग्री को देने के लिए संकाय तक तय नहीं करवा पाया। कोर्स को लेकर आर्डिनेंस में आवश्यक बदलाव तक नहीं किए गए हैं।