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अब पढ़ाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा 12 किमी दूर
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Sun, 06 Mar 2016 10:36 PM IST
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स्कूल
- फोटो : graphic
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राजकीय हाईस्कूल (उच्चतर माध्यमिक विद्यालय) दिखोल्यूं (डुंगरीपंथ) को इंटरमीडिएट का दर्जा मिलने से करीब एक दर्जन गांवों के बच्चों की मुश्किलें दूर होंगी। अब उन्हें इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए 8 से 12 किलोमीटर दूर स्थित विद्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा।
यहां बता दे कि दो मार्च को गहड़ गांव में शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे मुख्ययमंत्री हरीश रावत ने ग्राम प्रधान त्रिभुवन राणा की मांग पर हाईस्कूल दिखोल्यूं के उच्चीकरण की घोषणा की है। सीएम की घोषणा से क्षेत्र के लोग उत्साहित हैं। यहां आगामी शिक्षण सत्र से 11 वीं की कक्षाओं के संचालन की उम्मीद है।
स्कूल को मान्यता मिलने से बच्चों को राहत
हाईस्कूल दिखोल्यूं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 100 मीटर दूर डुंगरीपंथ-खेड़ाखाल मार्ग पर स्थित है। इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 2007-08 में हुई थी। यहां डुंगरीपंथ, कांडा, रामपुर, गैरू, चमधार, फरासू, कलियासौड़, ढामक, चोपड़ा, हैड़ी, धारी गांव, सौड़, गजेली और अरखुंड आदि गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं।
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हालांकि यहां से करीब दो किमी दूर जनता इंटर कॉलेज भट्टीसेरा है, लेकिन अभिभावक यहां अपने पाल्यों को स्वीत या श्रीनगर भेजना ज्यादा पसंद करते हैं, जो 8 से 12 किलोमीटर दूर हैं।
ग्राम प्रधान त्रिभुवन राणा और पूर्व प्रधान प्रमोद राणा बताते हैं कि वर्तमान में हाईस्कूल दिखोल्यूं में 90 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अकेले नौंवी और दसवीं में 40 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। दिखोल्यूं में इंटर की कक्षाएं चलने से सबको फायदा होगा।
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यहां बता दे कि दो मार्च को गहड़ गांव में शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे मुख्ययमंत्री हरीश रावत ने ग्राम प्रधान त्रिभुवन राणा की मांग पर हाईस्कूल दिखोल्यूं के उच्चीकरण की घोषणा की है। सीएम की घोषणा से क्षेत्र के लोग उत्साहित हैं। यहां आगामी शिक्षण सत्र से 11 वीं की कक्षाओं के संचालन की उम्मीद है।
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स्कूल को मान्यता मिलने से बच्चों को राहत
हाईस्कूल दिखोल्यूं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 100 मीटर दूर डुंगरीपंथ-खेड़ाखाल मार्ग पर स्थित है। इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 2007-08 में हुई थी। यहां डुंगरीपंथ, कांडा, रामपुर, गैरू, चमधार, फरासू, कलियासौड़, ढामक, चोपड़ा, हैड़ी, धारी गांव, सौड़, गजेली और अरखुंड आदि गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं।
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हालांकि यहां से करीब दो किमी दूर जनता इंटर कॉलेज भट्टीसेरा है, लेकिन अभिभावक यहां अपने पाल्यों को स्वीत या श्रीनगर भेजना ज्यादा पसंद करते हैं, जो 8 से 12 किलोमीटर दूर हैं।
ग्राम प्रधान त्रिभुवन राणा और पूर्व प्रधान प्रमोद राणा बताते हैं कि वर्तमान में हाईस्कूल दिखोल्यूं में 90 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अकेले नौंवी और दसवीं में 40 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। दिखोल्यूं में इंटर की कक्षाएं चलने से सबको फायदा होगा।