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अब हर तीन माह में बनाया जाएगा स्कूलों का रिपोर्ट कार्ड

Thu, 21 Apr 2016 10:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 21 Apr 2016 10:15 AM IST
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Report card for schools in every three months.
पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक के सभी सरकारी स्कूलों का हर तीन महीने में रिपोर्ट कार्ड बनाया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में गिरते शिक्षा के स्तर को लेकर आखिरकार शिक्षा विभाग भी गंभीर हो गया है। मंगलवार को सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए उच्च स्तरीय बैठक हुई।

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बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने की। बैठक में फैसला लिया गया कि पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक के सभी सरकारी स्कूलों का हर तीन महीने में रिपोर्ट कार्ड बनाया जाएगा। स्कूलों बच्चों की विषयवार प्रगति करने के लिए औचक निरीक्षण किए जाएंगे। पहली से दसवीं कक्षा पर नजर रखने के लिए 353 कलस्टर हेड नियुक्त किए जाएंगे।
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एक कलस्टर में दस से पंद्रह स्कूल शामिल किए जाएंगे। बच्चों की विषयवार प्रगति की समीक्षा करने का जिम्मा भी इन्हीं अधिकारियों को सौंपने का फैसला लिया गया। समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण करने और हर तीन माह, छह माह और सालाना रिपोर्ट भी इन अधिकारियों को भेजने होगी। निरीक्षण के दौरान स्कूलों बच्चों की प्रोग्रेस, शिक्षकों के पढ़ाने के तरीकों पर रिपोर्ट बनाई जाएगी।
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सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय में आयोजित बैठक में साल 2016-17 की वार्षिक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने बताया कि इस साल भारत सरकार ने हिमाचल प्रदेश को पिछले वर्ष की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक बजट की स्वीकृति दी है। बजट में 90 प्रतिशत की भागीदारी भारत सरकार की तथा शेष 10 प्रतिशत का बजट प्रदेश सरकार को देय होगा।


इस दौरान बच्चों को पढ़ने-पढ़ाने की विधा को कैसे सुदृढ़ किया जाए? जिससे बच्चों के विषयवार परिणामों को और बेहतर किया जा सके, जैसे मसलों पर चिंतन किया गया। बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने गुणवत्तापूर्ण बालिका शिक्षा पर जोर दिया। पीसी धीमान ने हर स्कूल में पीने का पानी मुहैया करवाने के निर्देश भी दिए।

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