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जेईई एडवांस में धार्मिक प्रतीक पर रोक से भड़का सिख समुदाय
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Mon, 23 May 2016 03:20 AM IST
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रुड़की आईआईटी गेट पर प्रदर्शन करते सिख समुदाय के लोग
- फोटो : AmarUjala
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जेईई एडवांस परीक्षा के दौरान सिख समुदाय से जुड़े छात्रों परीक्षा में बैठने से पूर्व कड़ा और कृपाण पर आपत्ति जताए जाने की सूचना पर समाज के लोगों ने आईआईटी के मुख्य गेट पर हंगामा खड़ा कर दिया। लेकिन बाद में आईआईटी जेईई के चेयरमैन ने लोगों को जानकारी दी कि किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा से नहीं रोका गया है। केवल कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार छात्रों की चेकिंग की गई है। जिसके बाद मामला शांत हो गया।
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दो केंद्रों पर थी परीक्षा
रविवार को शहर के दो परीक्षा केंद्रों पर जेईई एडवांस की परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस दौरान सिख समुदाय से जुड़े लोगों को यह सूचना मिली कि कृपाण और कड़ा पहनकर पहुंचने वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा है। इसे लेकर मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, हरिद्वार, पुरकाजी के सिख छात्रों के साथ आए परिजनों और रुड़की के लोगों ने आईआईटी के मुख्य गेट पर हंगामा शुरू कर दिया।
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लोगों का कहना था कि अमृत चखने वाले छात्र कृपाण और कड़ा धारण करते हैं। इस पर आपत्ति जताना समुदाय के लोगों का अपमान है। हंगामा कर रहे लोग संस्थान के भीतर घुसने का प्रयास करने लगे लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
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चेयरमैन ने समझाया तो माने
इसके बाद हंगामा बढ़ते देख सुरक्षा कर्मियों ने संस्थान के प्रशासन को मामले की जानकारी दी। जिसके बाद जेईई चेयरमैन प्रो. रजत रस्तोगी ने पांच लोगों को कार्यालय में बुलवाया। जहां उन्होंने जानकारी दी कि किसी भी छात्र को परीक्षा से वंचित नहीं किया गया है। कोर्ट की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए छात्रों की चेकिंग की गई है। जिसके बाद सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा दिलाई गई है।
इस पर वार्ता करने पहुंचे लोग संतुष्ट हो गए और मामला शांत हो गया। हंगामा करने वालों में मंजीत सिंह, वीरेंद्र सिंह, सरदार प्यारा सिंह, सरदार वीरा सिंह, प्रदीप सिंह, हरदीप सिंह, रमनजीत सिंह, डॉ. हरविंदर सिंह, नरेंद्र सिंह सचदेव, दीपक बजाज हरदीप सिंह, जसमीत सिंह, मीत सिंह सिंधु एवं राजन सिंह आदि शामिल रहे।