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सीबीएसई: गणित के कठिन पेपर के मूल्यांकन में मिलेगी राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 17 Mar 2016 09:17 AM IST
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- फोटो : PTI
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की सोमवार (14 मार्च) को हुई बारहवीं की गणित की परीक्षा के मूल्यांकन में बच्चों को राहत मिलेगी। सीबीएसई ने इस प्रश्न पत्र के मूल्यांकन से पहले सुधारात्मक कदम उठाने का फैसला लिया है। बोर्ड को देशभर के स्कूलों से गणित प्रश्न पत्र की कठिनता को लेकर फीडबैक मिले हैं। इनके आधार पर सीबीएसई प्रश्न पत्र की जटिलता और पूछे गए सवालों को लेकर विशेषज्ञों से चर्चा करेगा। चर्चा के बाद सलाह लेकर मार्किंग स्कीम में राहत देने पर विचार होगा।
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बीते सोमवार 14 मार्च को गणित के प्रश्नपत्र को लेकर छात्रों व शिक्षकों की ओर से काफी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। परीक्षा के बाद से 24 घंटे के अंदर ही स्कूलों से प्रश्नपत्र के कठिन होने को लेकर फीडबैक मिला है। स्कूलों ने कहा कि पेपर में प्रश्न पाठ्यक्रम से ही पूछे गए लेकिन वह काफी कठिन व लंबे थे। दरअसल, छात्रों को वह प्रश्न पत्र न केवल लंबा लगा था बल्कि वह प्रश्नों की गणना में ऐसे उलझे थे जिससे उनका समय प्रबंधन गड़बड़ा गया। गणित प्रश्नपत्र के कठिन होने की गूंज संसद में भी सुनाई दी।
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जिसके बाद बोर्ड ने अब साफ कर दिया है कि फीडबैक को विषय विशेषज्ञों के समक्ष रखा जाएगा। बोर्ड ने ऐसे संकेत दिए हैं कि इस प्रश्न पत्र के मूल्यांकन से पहले बच्चों को राहत देने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। माना जा रहा है कि बोर्ड मार्किंग स्कीम में राहत देने का ध्यान रखेगा। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यह राहत कैसी होगी।
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मालूम हो कि पेपर के सात से दस दिनों के अंदर पेपर की जांच के लिए मार्किंग स्कीम तय की जाती है। सीबीएसई के प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय वाले इलाकों में अलग-अलग प्रश्न पत्र आते हैं। जिनके आधार पर वहां भी स्कूलों से आए फीडबैक के आधार पर विशेषज्ञों से सलाह की जाती है।