HPU में यूजीसी गाइडलाइन के मुताबिक ही लागू होगा रूसा
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय अब नए शैक्षणिक सत्र में वह किसी भी तरह की चूक करने के मूड में नहीं है। एचपीयू अपने से संबद्ध सभी कॉलेजों में यूजी में यूजीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाए रूसा सीबीसीएस डाक्यूमेंट के मुताबिक ही सिस्टम लागू करेगा। इसके लिए विवि ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा की अध्यक्षता में अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें नए सिस्टम से प्रभावित होने वाले छात्रों के तीनों संगठनों के दो दो प्रतिनिधियों को बुलाया गया। उनसे सुझाव लिए गए और उन्हें रूसा सीबीसीएस के पूर्व में लागू कर चलाए जा रहे सिस्टम और यूजीसी के डाक्यूमेंट व दिशा निर्देशों के आधार पर लागू होने वाले सिस्टम के बारे में फर्क बताया गया प्रो. गिरिजा ने
साफ किया कि जुलाई-अगस्त माह में शुरू हो रहे बैच में रूसा सीबीसीएस यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक ही लागू किया जाएगा। इसमें यूजी डिग्री 120 क्रेडिट्स की रहेगी, इसमें मेजर माइनर सहित हॉबी और अन्य विषयों के हर सेमेस्टर के कांबिनेशन चुने जाने से लेकर, मूल्यांकन और हर तरह के नियमों को ही पूरी तरह से लागू किया जाएगा।
विवि के अपने स्तर पर किए बदलाव नहीं होंगे लागू
छात्र संगठनों ने मौजूदा रूसा सिस्टम की खामियों को गिनाकर इन्हें दूर करने के साथ ही, अब तक यूजी कोर्स में प्रवेश लेकर पढ़ाई कर रहे तीनों बैच के छात्रों की डिग्री को पूरे देश भर में मान्यता दिलवाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
बैठक में एसएफआई की ओर से विपिन कुमार, विजय, एबीवीपी से गौरव और प्रशांत, एनएसयूआई की ओर से बलविंद्र और विनोद शामिल हुए। विपिन ने कॉलेजों में उपलब्ध सुविधाओं के मुताबिक ही पास और आनर्स कोर्स लागू किए जाने का सुझाव दिया।
रूसा सीबीसीएस को लागू करने में विवि के अपने स्तर पर मुख्य डाक्यूमेंट से हटकर किए गए बदलाव भविष्य में लागू नहीं होंगे। फिर वह 70:30 थ्योरी व इंटरनल असेसमेंट अंक विभाजन हो, 120 के बजाय 106 क्रेडिट में यूजी पास कोर्स डिग्री देने सहित सभी फैसले लागू नहीं हो पाएंगे। विवि को विवि आर्डिनेंस को भी नए यूजीसी डाक्यूमेंट के मुताबिक ही शर्ते नियम तैयार करने होंगे।
बीएड परीक्षाओं के लिए 16 मई से भरे जाएंगे आनलाइन फार्म
30 जून से शुरू होने वाली बीएड कोर्स की ईयर व सेमेस्टर परीक्षा के लिए 16 मई से आनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। संबंधित जानकारी विवि के वेबसाइट पर उपलब्ध है।
डिग्री वेरिफिकेशन के लिए एचपीयू में भटकने को मजबूर छात्र
एचपीयू के परीक्षा से संबंधित हर शुल्क तथा फीस में कई गुणा बढ़ोतरी करने के करीब डेढ़ साल बाद भी छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं में कोई सुधार नजर नहीं है। विदेशों में रह रहे विवि के पूर्व छात्रों को एक डिग्री की वेरिफिकेशन के लिए पांच हजार वसूल किए जा रहे हैं। इस डिग्री को वेरिफाई करवाने के लिए भी छात्रों को ब्रांच के कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
मामला सिर्फ डिग्री वेरिफिकेशन का नहीं है, अधिकतर परीक्षा विंग की अलग- अलग शाखाओं में पढ़ने वाले कार्य का है। ऐसे ही एक छात्र को अपनी पांच डिग्री को वेरिफाई करवाने को विवि में 25000 फीस देकर आवेदन किया। इतनी फीस जमा करवाने के बाद भी उसे बीए प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष सहित विवि से की गई अन्य चार डिग्री की वेरिफिकेशन के लिए एक- एक ब्रांच में जा कर फीस और आवेदन जमा करवाने पड़े।
हालांकि, ब्रांच में उसे हर डिग्री वेरिफाई कर दिए गए पते पर डाक से भिजवा देने की बात कही गई। जबकि, डिग्री वेरिफिकेशन करवाने वाले के पास इतना समय नहीं होता कि वह इस एक काम के लिए इस तरह से ब्रांच में घूम सके। विवि को चाहिए कि छात्रों के एक मार्गदर्शन सेवा काउंटर बने, जहां हर तरह की आम जानकारी और सुविधा उसे नसीब हो।
दो साल में नहीं खुला छात्र सुविधा केंद्र
विवि ने करीब दो वर्ष पूर्व विवि की परीक्षा विंग में बनाई फर्जी अंक तालिका मामला उजागर होने पर अलग से मुख्य द्वार के समीप हाईटेक छात्र सेवा/ मार्गदर्शन केंद्र स्थापित करने की घोषणा की थी। विवि के प्रति कुलपति ने बाकायदा अधिकारियों के साथ मिलकर जगह का निरीक्षण भी किया। प्लान तैयार हुआ, मगर इसके मुताबिक जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हुआ।