{"_id":"5b4cf2694f1c1b42748b5224","slug":"punjab-university-gets-rs-548-38-crore-budget","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में रिवाइज्ड बजट को मंजूरी, पीयू को मिले 548.38 करोड़","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में रिवाइज्ड बजट को मंजूरी, पीयू को मिले 548.38 करोड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:06 AM IST
विज्ञापन
punjab university
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी में बोर्ड ऑफ फाइनेंस की सोमवार को बैठक हुई। बैठक में पीयू को रिवाइज्ड बजट 548.38 करोड़ रुपये मिला है। यह बजट केंद्र और पंजाब सरकार की ओर से पीयू को दिया जाएगा। पीयू के वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर की यह आखिरी बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक थी। 22 जुलाई को उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 28.55 करोड़ रुपये पिछले वर्ष से अधिक मिले हैं। वर्ष 2017-18 वित्तीय वर्ष में 527.83 करोड़ रुपये मिले थे। पीयू को केंद्र सरकार की ओर से इस वित्तीय वर्ष में ग्रांट के तौर पर छह फीसदी अधिक रकम भुगतान की जाएगी। पीयू को इस वित्तीय वर्ष में 220.26 करोड़ रुपये का भुगतान केंद्र सरकार की ओर से किया जाएगा। पंजाब सरकार की ओर से 27 करोड़ रुपये की ग्रांट दी जाएगी। पीयू के इंटरनल रेवेन्यू 293.03 करोड़ रुपये को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इस बार बजट अधिक मिलने से पीयू की हालात में सुधार जरूर होगा।
विज्ञापन
बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 28.55 करोड़ रुपये पिछले वर्ष से अधिक मिले हैं। वर्ष 2017-18 वित्तीय वर्ष में 527.83 करोड़ रुपये मिले थे। पीयू को केंद्र सरकार की ओर से इस वित्तीय वर्ष में ग्रांट के तौर पर छह फीसदी अधिक रकम भुगतान की जाएगी। पीयू को इस वित्तीय वर्ष में 220.26 करोड़ रुपये का भुगतान केंद्र सरकार की ओर से किया जाएगा। पंजाब सरकार की ओर से 27 करोड़ रुपये की ग्रांट दी जाएगी। पीयू के इंटरनल रेवेन्यू 293.03 करोड़ रुपये को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इस बार बजट अधिक मिलने से पीयू की हालात में सुधार जरूर होगा।
विज्ञापन
पूर्व वीसी के नाम जारी होगा टिकट
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस
- फोटो : file photo
बोर्ड आफ फाइनेंस की बैठक में पीयू के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. रामचंद पाल के नाम पर पोस्टेज स्टैंप ऑफ स्टेशनटरी ईयर जारी करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए बोर्ड ऑफ फाइनेंस की ओर से 7.07 लाख रुपये का बजट अलॉट कर दिया गया है। 20 अक्तूबर 2018 को गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के कम्युनिकेशन मिनिस्टर मनोज कुमार सिन्हा की ओर से इसे जारी किया जाएगा।
केवल दो मुद्दों पर हुई चर्चा
पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने अपनी बोर्ड ऑफ फाइनेंस की अंतिम मीटिंग में सत्र 2019-20 के बजट पर किसी तरह की चर्चा नहीं की। इसके लिए 577.363 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया था, जो सत्र 2018-19 की तुलना में 29.70 करोड़ रुपये अधिक बनाया गया है। इस मुद्दे पर सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नए वीसी पर छोड़ने के लिए सहमति प्रदान कर दी। अब इस बजट पर आगामी बोर्ड की होने वाली मीटिंग में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि इस बार 14 एजेंडे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग में चर्चा के लिए आए थे। इसमें केवल दो मुद्दों पर बात हो पाई। शेष 12 अन्य मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हुई। इसमें बीओएफ में अर्न व्हाइल लर्न के लिए 50 लाख रुपये की रकम पास होने पर चर्चा नहीं हो पाई। पंजाब यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी का बजट बढ़ाने पर चर्चा नहीं की गई। इसके अलावा डीएसटी सेंटर फार पॉलिसी रिसर्च को 20 लाख रुपये की राशि देने के लिए सहमति नहीं बन पाई है।
केवल दो मुद्दों पर हुई चर्चा
पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने अपनी बोर्ड ऑफ फाइनेंस की अंतिम मीटिंग में सत्र 2019-20 के बजट पर किसी तरह की चर्चा नहीं की। इसके लिए 577.363 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया था, जो सत्र 2018-19 की तुलना में 29.70 करोड़ रुपये अधिक बनाया गया है। इस मुद्दे पर सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नए वीसी पर छोड़ने के लिए सहमति प्रदान कर दी। अब इस बजट पर आगामी बोर्ड की होने वाली मीटिंग में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि इस बार 14 एजेंडे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग में चर्चा के लिए आए थे। इसमें केवल दो मुद्दों पर बात हो पाई। शेष 12 अन्य मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हुई। इसमें बीओएफ में अर्न व्हाइल लर्न के लिए 50 लाख रुपये की रकम पास होने पर चर्चा नहीं हो पाई। पंजाब यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी का बजट बढ़ाने पर चर्चा नहीं की गई। इसके अलावा डीएसटी सेंटर फार पॉलिसी रिसर्च को 20 लाख रुपये की राशि देने के लिए सहमति नहीं बन पाई है।