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मेरिटोरियस स्कूलों में अब आसानी ने नहीं मिलेगा दाखिला, नई शर्त लागू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 May 2016 12:28 PM IST
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पंजाब के मेरिटोरियस स्कूलों में इस बार आसानी से दाखिले नहीं मिलेंगे। स्टूडेंट्स को एक नई राह पार करनी होगी। बेहतर रिजल्ट और सीमित सीटें होने की वजह से इसके लिए विद्यार्थियों में कड़ी टक्कर होगी। पंजाब में इस बार उम्मीद से कहीं ज्यादा बच्चों ने दसवीं की परीक्षा में 80 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। इसके चलते विभाग ने अब दाखिला परीक्षा आयोजित कराने की तैयारी की है। मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिले के लिए सभी जिलों में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 12 जून को आयोजित किया जाएगा। मेरिटोरियस स्कूल सीएम प्रकाश सिंह बादल का ड्रीम प्रोजेक्ट हैं।
पहले सरकार ने अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और मोहाली में छह स्कूल शुरू किए थे। प्रत्येक स्कूल में पांच सौ सीटें हैं। इनमें सरकारी स्कूलों के दसवीं में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक लेने वाले विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाता है। बच्चों की पढ़ाई, रहने, खाने, कोचिंग आदि का खर्च राज्य सरकार ही उठाती है। इसके बाद सरकार ने तीन नए स्कूल संगरूर, फिरोजपुर और गुरदासपुर में खोले हैं, जहां इसी सेशन से पढ़ाई शुरू करने की तैयारी है। अभी तक शिक्षा विभाग ने 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक लेने वाले सभी बच्चों को मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिला दिया था। हालांकि इस बार दसवीं की परीक्षा में सरकारी स्कूलों के बच्चों की परफॉर्मेंस ने सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है।
39 हजार से ज्यादा बच्चों के 80 फीसदी से ज्यादा अंक
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित दसवीं के नतीजे में कुल 39 हजार से ज्यादा बच्चों ने 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। इनमें से 10,255 बच्चे सरकारी स्कूलों के हैं। जबकि, तीन नए मेरिटोरियस स्कूल मिला कर सीटें सिर्फ 4500 ही हैं। ऐसे में विभाग ने एंट्रेंस टेस्ट लेने का फैसला किया है। बारह जून को सभी जिलों में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसकेलिए रजिस्ट्रेशन 27 मई से शुरू होगा। टेस्ट की मेरिट के आधार पर मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।
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तीनों पेपर में पास होना होगा जरूरी
कॉमन एंट्रेंस टेस्ट भी विद्यार्थियों के लिए आसान नहीं होगा। तीन घंटे के पेपर में तीन सेक्शन होंगे। इनमें मैथ, साइंस और अंग्रेजी केपेपर शामिल होंगे। सभी पेपर पचास-पचास मार्क्स के होंगे। विद्यार्थियों को तीनों विषयों में पचास प्रतिशत अंक लाना जरूरी होगा। इससे कम अंक लाने वालों को काउंसिलिंग में बैठने का मौका नहीं मिलेगा।
पहले बैच के 23 स्टूडेंट आए मेरिट में
मेरिटोरियस स्कूलों के पहले बैच ने इस साल बारहवीं की परीक्षा पास की है। परीक्षा में उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। बोर्ड परीक्षा में इन स्कूलों के 2053 स्टूडेंट्स बैठे थे। इनमें से 1270 ने 80 फीसदी से ज्यादा अंक प्राप्त किए। इनमें से 23 स्टूडेंट्स ने मेरिट में जगह बनाई। 161 स्टूडेंट्स ने जेईई एडवांस एग्जाम क्वालिफाई किया। 550 को देश केनामी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला मिला।
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पहले सरकार ने अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और मोहाली में छह स्कूल शुरू किए थे। प्रत्येक स्कूल में पांच सौ सीटें हैं। इनमें सरकारी स्कूलों के दसवीं में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक लेने वाले विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाता है। बच्चों की पढ़ाई, रहने, खाने, कोचिंग आदि का खर्च राज्य सरकार ही उठाती है। इसके बाद सरकार ने तीन नए स्कूल संगरूर, फिरोजपुर और गुरदासपुर में खोले हैं, जहां इसी सेशन से पढ़ाई शुरू करने की तैयारी है। अभी तक शिक्षा विभाग ने 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक लेने वाले सभी बच्चों को मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिला दिया था। हालांकि इस बार दसवीं की परीक्षा में सरकारी स्कूलों के बच्चों की परफॉर्मेंस ने सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है।
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39 हजार से ज्यादा बच्चों के 80 फीसदी से ज्यादा अंक
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित दसवीं के नतीजे में कुल 39 हजार से ज्यादा बच्चों ने 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। इनमें से 10,255 बच्चे सरकारी स्कूलों के हैं। जबकि, तीन नए मेरिटोरियस स्कूल मिला कर सीटें सिर्फ 4500 ही हैं। ऐसे में विभाग ने एंट्रेंस टेस्ट लेने का फैसला किया है। बारह जून को सभी जिलों में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसकेलिए रजिस्ट्रेशन 27 मई से शुरू होगा। टेस्ट की मेरिट के आधार पर मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।
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तीनों पेपर में पास होना होगा जरूरी
कॉमन एंट्रेंस टेस्ट भी विद्यार्थियों के लिए आसान नहीं होगा। तीन घंटे के पेपर में तीन सेक्शन होंगे। इनमें मैथ, साइंस और अंग्रेजी केपेपर शामिल होंगे। सभी पेपर पचास-पचास मार्क्स के होंगे। विद्यार्थियों को तीनों विषयों में पचास प्रतिशत अंक लाना जरूरी होगा। इससे कम अंक लाने वालों को काउंसिलिंग में बैठने का मौका नहीं मिलेगा।
पहले बैच के 23 स्टूडेंट आए मेरिट में
मेरिटोरियस स्कूलों के पहले बैच ने इस साल बारहवीं की परीक्षा पास की है। परीक्षा में उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। बोर्ड परीक्षा में इन स्कूलों के 2053 स्टूडेंट्स बैठे थे। इनमें से 1270 ने 80 फीसदी से ज्यादा अंक प्राप्त किए। इनमें से 23 स्टूडेंट्स ने मेरिट में जगह बनाई। 161 स्टूडेंट्स ने जेईई एडवांस एग्जाम क्वालिफाई किया। 550 को देश केनामी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला मिला।