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गुडन्यूज: पीयू की 3 हजार पीएचडी थीसिस ऑनलाइन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Fri, 22 Apr 2016 11:53 AM IST
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पीएचडी थीसिस ऑनलाइन
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अगले कुछ दिनों में पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) देशभर में सबसे अधिक पीएचडी थीसिस को ऑनलाइन करने वाली पहले नंबर की यूनिवर्सिटी बन जाएगी। पीयू करीब 8 हजार पीएचडी थीसिस को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की वेबसाइट पर अपलोड कर देगी।
पीयू की एसी जोशी लाइब्रेरी में रखी 8 हजार में से 3 हजार थीसिस ऑनलाइन कर दी गई हैं। पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने पीएचडी थीसिस डिजिटलाइजेशन सिस्टम का उद्घाटन किया। मौजूदा समय पीयू देश भर की यूनिवर्सिटी में पीएचडी थीसिस ऑनलाइन करने के मामले में पांचवें स्थान पर है। जबकि कुछ दिन पहले तक पीयू एसजी जोशी लाइब्रेरी की सिर्फ 11 थीसिस यूजीसी वेबसाइट पर ऑनलाइन हुई थी।
पूरे प्रोजेक्ट को सफल बनाने वाले एसी जोशी चीफ लाइब्रेरियन डॉ. राजकुमार ने बताया कि वह करीब डेढ़ साल से पीयू पीएचडी थीसिस को डिजिटलाइज करने के प्रोजेक्ट में लगे हैं। करीब 14 लाख की लागत से पीएचडी थीसिस की स्कैनिंग की गई है। अमेरिकी कंपनी प्रोक्वेस्ट को डिजिटलाइजेशन का प्रोजेक्ट सौंपा गया है। डॉ. राजकुमार के अनुसार थीसिस को ऑनलाइन करना अब तक के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में शामिल है। अप्रैल में रिटायर हो रहे डॉ. राजकुमार ने बताया कि अगले 15 दिनों तक सभी थीसिस को यूजीसी की वेबसाइड शोधगंगा पर अपलोड कर दिया जाएगा। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी की 6 हजार 54 और जेएनयू की 4 हजार 400 पीएचडी थीसिस शोधगंगा पर ऑनलाइन हैं।
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पीयू वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर ने कहा कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में हर साल 600 पीएचडी होती हैं। जिस वजह से यूनिवर्सिटी टॉप पर है। जबकि पीयू में हर साल 300 के करीब पीएचडी होती है। ग्रोवर ने कहा कि पीयू भी शोध पर अधिक फोकस कर रहा है। जिससे यूनिवर्सिटी को विश्व स्तर पर पहचान मिल सके।
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पीयू की एसी जोशी लाइब्रेरी में रखी 8 हजार में से 3 हजार थीसिस ऑनलाइन कर दी गई हैं। पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने पीएचडी थीसिस डिजिटलाइजेशन सिस्टम का उद्घाटन किया। मौजूदा समय पीयू देश भर की यूनिवर्सिटी में पीएचडी थीसिस ऑनलाइन करने के मामले में पांचवें स्थान पर है। जबकि कुछ दिन पहले तक पीयू एसजी जोशी लाइब्रेरी की सिर्फ 11 थीसिस यूजीसी वेबसाइट पर ऑनलाइन हुई थी।
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पूरे प्रोजेक्ट को सफल बनाने वाले एसी जोशी चीफ लाइब्रेरियन डॉ. राजकुमार ने बताया कि वह करीब डेढ़ साल से पीयू पीएचडी थीसिस को डिजिटलाइज करने के प्रोजेक्ट में लगे हैं। करीब 14 लाख की लागत से पीएचडी थीसिस की स्कैनिंग की गई है। अमेरिकी कंपनी प्रोक्वेस्ट को डिजिटलाइजेशन का प्रोजेक्ट सौंपा गया है। डॉ. राजकुमार के अनुसार थीसिस को ऑनलाइन करना अब तक के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में शामिल है। अप्रैल में रिटायर हो रहे डॉ. राजकुमार ने बताया कि अगले 15 दिनों तक सभी थीसिस को यूजीसी की वेबसाइड शोधगंगा पर अपलोड कर दिया जाएगा। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी की 6 हजार 54 और जेएनयू की 4 हजार 400 पीएचडी थीसिस शोधगंगा पर ऑनलाइन हैं।
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पीयू वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर ने कहा कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में हर साल 600 पीएचडी होती हैं। जिस वजह से यूनिवर्सिटी टॉप पर है। जबकि पीयू में हर साल 300 के करीब पीएचडी होती है। ग्रोवर ने कहा कि पीयू भी शोध पर अधिक फोकस कर रहा है। जिससे यूनिवर्सिटी को विश्व स्तर पर पहचान मिल सके।