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UPSC मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन, सिविल सेवा परीक्षा में तीन मौके और देने की मांग

Wed, 20 Apr 2016 09:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 20 Apr 2016 09:10 AM IST
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protest outside the headquarters of UPSC, demanding three other chances in Civil Service Examination
यूपीएससी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी) में तीन अतिरिक्त मौके देने की मांग को लेकर सीसेट से वर्ष 2011 से 2015 तक प्रभावित हुए छात्रों ने यूपीएससी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दखल की मांग करते हुए वर्ष 2016, 2017, 2018 की परीक्षा में वर्ष 2011 से 2015 तक सीसेट प्रभावित छात्रों को तीन अतिरिक्त मौके देने की मांग की।

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यूपीएससी मुख्यालय के बाहर विरोध जता रहे छात्र अनूप, रजनीश आदि का कहना था कि छह महीने से यूपीएससी मुख्यालय व मंत्री के पास चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक हमारी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सरकारी आंकड़े और निग्वेकर कमेटी की रिपोर्ट ने माना था कि सीसेट के चलते अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को तो लाभ मिला, लेकिन हिंदी और क्षेत्रीय भाषा के छात्रों को नुकसान पहुंचा था।
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इसी के चलते वर्ष 2011 केे बाद हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं से आने वाले छात्रों का पास प्रतिशत 32 से घटकर 12 फीसदी तक रह गया है। विरोध और रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2014 में सरकार ने सीसेट वापस ले लिया, लेकिन इसके चलते छात्रों का नुकसान हुआ था। इसी के चलते हम तीन अतिरिक्त मौके देने की मांग कर रहे हैं।
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इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने यूपीएससी संयुक्त सचिव रविंद्र प्रसाद को ज्ञापन के माध्यम से मांग पत्र सौंपा। इसमें मांग की है कि सिविल सेवा परीक्षा में सरकार ने जो एक अतिरिक्त मौका दिया, वह सभी परीक्षार्थियों को मिलना चाहिए, न की केवल 2011 के अभ्यर्थियों को। सरकार ने 2012, 2013, 2014, 2015 तक सीसेट परीक्षा से प्रभावित परीक्षार्थियों के लिए कोई न्याय नहीं किया है।

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