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JNU को सेक्स रैकेट का अड्डा बताने वाली महिला प्रोफेसर के आपत्तिजनक पोस्टर लगे

Fri, 29 Apr 2016 10:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 29 Apr 2016 10:38 AM IST
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professor amita poster on walls of jnu by left students for calling jnu as den of sex rackets
अमिता सिंह - फोटो : अमर उजाला

जेएनयू में बुधवार देर शाम सेंटर फॉर लॉ एंड गवर्नर्स की चेयरपर्सन प्रोफेसर अमिता सिंह के विवादित पोस्टर जगह-जगह लगाए गए हैं।

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हाथ से तैयार इन पोस्टरों को वामपंथी छात्रों ने लगाया है। इस संबंध में 11 प्रोफेसरों की टीम ने एक रिपोर्ट तैयार करके विश्वविद्यालय प्रशासन को दी है।

बताया गया है कि कुछ शिक्षकों के चलते कैंपस का माहौल खराब हो रहा है। कैंपस नशे का अड्डा बन गया है। दूर-दराज से आने वाले गरीब छात्रों का फायदा उठाकर उन्हें बरगलाते हैं।
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अमिता सिंह की अध्यक्षता वाले पैनल ने ही जेएनयू को सेक्स रैकेट का अड्डा बताया

professor amita poster on walls of jnu by left students for calling jnu as den of sex rackets
अमिता सिंह - फोटो : अमर उजाला

बता दें कि जेएनयू के 11 शिक्षकों ने 200 पेज की एक रिपोर्ट तैयार की है। इन 11 प्रोफेसरों के पैनल की अध्यक्षता अमिता सिंह ने ही की है। इनकी इस रिपोर्ट में विश्विद्यालय को संगठित सेक्स रैकेट चलाने वालों का अड्डा बताया गया है। बताया जा रहा है कि यह दस्तावेज 2015 में तैयार गया था, लेकिन इसे मीडिया को हाल ही में जारी किया गया है। इतना ही नहीं यह रिपोर्ट जेएनयू प्रशासन को भी सौंपी जा चुकी है।

बताया जा रहा है कि यह डोजियर जिन शिक्षकों ने तैयार किया है वे भाजपा और उसकी स्टूडेंट विंग एबीवीपी के करीब हैं। शिक्षकों के इस ग्रुप का नेतृत्व सेंटर फॉर लॉ एंड गवर्नेंस की प्रोफेसर अमिता सिंह कर रही हैं।

अमिता का दावा है कि जेएनयू जेएनयू हॉस्टल की मेस में सेक्स वर्करों को आना आम बात है। ये सेक्स वर्कर अपना सेक्स रैकेट चलाने के लिए जेएनयू की लड़कियों को लालच देती हैं।

अमिता सिंह के मुताबिक एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं पर शराब पीने और दूसरी अनैतिक गतिविधियों के लिए 2 हजार से लेकर 5 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा चुका है। इतना ही नही हॉस्टल के गेट पर कोई भी शराब की सैंकड़ों बोतलें देख सकता है।

अमिता सिंह पूछती हैं कि हॉस्टल के आसपास आखिर देर रात में कैसे बड़ी और महंगी गाड़ियां घूमती रहती हैं? अमिता ने कहा कि रैकेट में सिक्योरिटी स्टाफ के कुछ लोग भी शामिल हैं।

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