अब पहले 'गुरुजी' को मिलेगी ट्रेनिंग फिर बच्चों को दे सकेंगे ज्ञान
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गुड़गांव रेंज के कमिश्नर की योजना पर सही तरीके से अमल हुआ तो वो दिन दूर नहीं जब मेवात के बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना शुरू कर देगें। इसके लिये मेवात जिला के दसवीं से बारहवीं कक्षा के 95 सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी पढाने वाले अध्यापकों को एसआरएफ फाउंडेशन द्वारा चार माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस बारे में मंगलवार को नूंह में आयोजित एक मीटिंग में मेवात के एडीसी और जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के अध्यापकों को ट्रेनिंग का प्रारूप बताया। एसआरएफ फाउंडेशन के नवीन लाठर ने बताया कि गुड़गांव रेंज के कमिश्नर डी सुरेश ने उनकी संस्था को जिम्मेदारी सौंपी है कि मेवात जिला में दसवी से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को सरल भाषा में अंग्रेजी सिखाई जाए।
उन्होंने बताया कि स्कूल में अध्यापक पहले भी अंग्रेजी पढ़ाते थे लेकिन अब उनके पढ़ाने का अंदाज बदला जाएगा। उन्होंने बताया कि मेवात जिला में 8 मेवात मॉडल स्कूलों सहित 40 हाईस्कूल और 47 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं।
स्कूलों से कम से कम एक-एक अंग्रेजी अध्यापक को उनकी संस्था की ओर से चार माह तक ट्रेंनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग नूंह के मेवात मॉडल स्कूल और नगीना के बाईट सेंटर पर शुरू होगी।
नूंह सेंटर पर तावडू और नूंह, बाईट सेंटर नगीना के दो नंबर सेंटर पर फिरोजपुर झिरका और आधा नगीना तथा इसी के तीन नंबर सेंटर पर पुन्हाना और आधा नगीना के अध्यापकों को हर महिने की पहले, तीसरे और चौथे शनिवार को तीन-तीन घंटे की ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस ट्रेनिंग का मकसद है कि मेवात के बच्चे अंग्रेजी तो अच्छी तरह पढ़ और समझ लेते हैं पर आपस की बोलचाल में झिझकते हैं। मकसद यही है कि ट्रेनिंग के दौरान अध्यापक जो सीखकर जाएंगे वे उसी तरीके से एक सप्ताह तक बच्चों को अपनी कलासों में पढाएंगे।
फाउंडेशन की वरिष्ठ ट्रेनर भाग्यलक्ष्मी के नेतृत्व में कुल छह ट्रेनर अध्यापकों को अंग्रेजी पढ़ाने की ट्रेनिंग देंगे। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि अंग्रेजी भाषा का हमारे जीवन मे महत्वपूर्ण योगदान रहता है। एक शिक्षक किस प्रकार इसको अपने जीवन में लागू कर मेवात के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुरूआत कर सकते हैं, इस पर जोर देना होगा।
जब अध्यापक अपनी कक्षा के बच्चों से अंग्रेजी में ही बात करेंगे तो बच्चों का ज्ञान तो बढे़गा ही साथ ही उनकी अंग्रेजी बोलने की झिझक भी समाप्त हो जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश शस्त्री ने इस नई पहल में हिस्सा बनने के लिये सभी अध्यापकों का धन्यवाद किया है और उन्होंने आश्वासन दिलाया कि अध्यापक अपनी तरफ से बेहतर करने की पूरी कोशिश करेंगे।