फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Now Bed. trainee will learn basic management.

अध्यापन के साथ अब ये काम भी सीखेंगे बीएड प्रशिक्षु

Wed, 06 Apr 2016 09:46 AM IST
राकेश भारद्वाज/अमर उजाला, धर्मशाला
राकेश भारद्वाज/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Wed, 06 Apr 2016 09:46 AM IST
विज्ञापन
Now Bed. trainee will learn basic management.
एमबीए सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स की तर्ज पर अब बीएड प्रशिक्षु भी अध्यापन के साथ स्कूल की बेसिक मैनेजमेंट सीखेंगे।

एमबीए सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स की तर्ज पर अब बीएड प्रशिक्षु भी अध्यापन के साथ स्कूल की बेसिक मैनेजमेंट सीखेंगे। बीएड कोर्स की समयावधि बढ़ाने से अब इसके पाठ्यक्रम और टीचिंग प्रेक्टिस की समयावधि में भी फेरबदल हुआ है।

विज्ञापन


अब बीएड प्रशिक्षु कक्षाओं तक सीमित ने न होकर प्रैक्टीकल के लिए स्कूलों में कक्षाएं पढ़ाने में अधिक समय लगाएंगे। इस पूरे कार्य को सिखाने के लिए प्रशिक्षुओं को अब एक माह की बजाय चार माह स्कूलों में बिताने होंगे। इस बाबत बाकायदा केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय से कार्यक्रम भी जारी हुआ है।
विज्ञापन


इसी कार्यक्रम के तहत स्कूलों में बीएड प्रशिक्षुओं को टीचिंग प्रेक्टिस करवाई जाएगी। इसी साल से शुरू हुए दो वर्षीय बीएड कोर्स के तहत मई, जून, जुलाई और अगस्त तक प्रशिक्षुओं की टीचिंग प्रेक्टिस होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रेंड अध्यापकों की देखरेख में होगा पूरा काम
स्कूलों में टीचिंग प्रेक्टिस के दौरान ट्रेंड अध्यापक की देखरेख में बीएड प्रशिक्षु कक्षा में पढ़ाएंगे। इस दौरान कोई कमी होने पर ट्रेंड अध्यापक प्रशिक्षुओं को उसे दूर करने के तरीके बताएंगे। अध्यापक के साथ प्रशिक्षु अटेंडेंस रजिस्टर मेंटेन, बच्चों का दाखिला, विड्राल सहित स्कूलों में चलने वाली स्कूल मैनेजमेंट की अन्य गतिविधियों में भी भाग लेंगे। मकसद, डिग्री हासिल करने के बाद प्रशिक्षुओं में स्कूलों में ज्वाइनिंग के समय कोई कमी न रह जाए।

13 को बीएड कॉलेज धर्मशाला में बैठक
उच्च शिक्षा उपनिदेशक कांगड़ा कमल किशोर गुप्ता ने बताया कि बीएड के दो वर्षीय कोर्स में टीचिंग प्रेक्टिस में फेरबदल हुआ है। इस कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाने के लिए 13 अप्रैल को धर्मशाला बीएड कॉलेज में बैठक होगी।

इसमें जिला कांगड़ा के सभी सरकारी और गैर सरकारी बीएड कॉलेज के मुखिया, जिन स्कूलों में टीचिंग प्रेक्टिस होगी, उनके मुखिया सहित इससे संबंधित अन्य अधिकारी इस कार्यक्रम की फ्रेम तैयार करेंगे और इसकी रिपोर्ट भेजेंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर कार्यक्रम शुरू होगा। प्रदेश स्तर पर यह पहली बैठक होगी।


बीएड को छोड़ अन्य सभी प्रोफेशनल कोर्स में कक्षाओं के साथ प्रैक्टीकल पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। नए पाठ्यक्रम के अनुसार बीएड में भी प्रैक्टीकल पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसका प्रशिक्षुओं को लाभ मिलेगा।- अजय लखनपाल, प्राचार्य बीएड कॉलेज

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed