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EWS के तहत दाखिला नहीं दिया, 2 स्कूल दिल्ली तलब

Sat, 23 Apr 2016 01:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 23 Apr 2016 01:35 AM IST
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no admission given on EWS quota, hearing of 2 schools will be in delhi
एडमिशन घोटाला - फोटो : demo pics

माइनोरिटी स्टेटस लेकर मनमानी करने वाले प्राइवेट स्कूलों को शुक्रवार को तगड़ा झटका लगा है। यूटी प्रशासन ने माइनोरिटी स्टेटस वाले स्कूलों द्वारा नियमों की अनदेखी करने के खिलाफ नई दिल्ली माइनोरिटी कमीशन के सामने पूरा मामला रखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले में यूटी प्रशासन को लीगल रिपोर्ट के साथ दोबारा पेश होने को कहा गया है।

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मीटिंग में माइनोरिटी कमीशन ने ईडब्ल्यूएस कोटे से बचने के लिए गलत तरीके अपनाने वालों पर भी कार्रवाई की इजाजत दे दी है। विभाग के अधिकारी जल्द ही गलत तरीके से माइनोरिटी स्टेटस हासिल करने वाले स्कूलों के खिलाफ आ रही शिकायतों की रिपोर्ट तैयार कर माइनोरिटी कमीशन को भेजेंगे।
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शुक्रवार को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन रुबिंदरजीत सिंह बराड़ और अन्य अधिकारियों की माइनोरिटी कमीशन में महत्वपूर्ण बैठक हुई। कमीशन के सामने दो प्राइवेट माइनोरिटी स्टेटस वाले सेक्टर-26 स्थित सेंट कबीर और सेक्टर-18 स्थित न्यू पब्लिक स्कूल प्रबंधकों को भी बुलाया था। सेंट कबीर स्कूल के माइनोरिटी स्टेटस मामले में माइनोरिटी कमीशन ने सुनवाई टाल दी है।
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शिक्षा विभाग ने सेंट कबीर स्कूल द्वारा ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत दाखिला न दिए जाने के खिलाफ माइनोरिटी कमीशन में शिकायत की थी। उधर, न्यू पब्लिक स्कूल 2013 से ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत दाखिल बच्चों की फीस का पूरा रिफंड मांग रहा था। लेकिन शिक्षा विभाग अपने हिसाब से पेमेंट करना चाहता था। सेंट कबीर स्कूल मामले में यूटी प्रशासन ने लीगल राय लेने का फैसला लिया और अगली सुनवाई 22 अगस्त तक स्थागित कर दी।  
 
20 माइनोरिटी स्कूलों की रिपोर्ट होगी तैयार
राइट यू एजुकेशन (आरटीई) 2009 के तहत ईडब्ल्यूएस कोटे से माइनोरिटी स्टेटस वाले स्कूलों को छूट है। शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद करीब 10 प्राइवेट स्कूलों ने माइनोरिटी स्टेटस ले लिया। अब ये स्कूल ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला भी नहीं दे रहे। माइनोरिटी स्टेटस लेते हुए इन स्कूलों ने शिक्षा विभाग से भी नो क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं लिया। विभाग अब आरटीई लागू होने के बाद माइनोरिटी स्टेटस लेने वाले स्कूलों के खिलाफ लीगल राय लेकर कमीशन को रिपोर्ट भेजेगा। 

शुक्रवार तक 51 स्कूलों ने ही दिया जवाब 
16 अप्रैल को निजी पब्लिशर्स को महंगी किताबें सिलेबस में लगवाने, कैंपस में बुकशॉप खोलने और महंगी ड्रेस बेचने के मामले में डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने करीब 85 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी किया था। शुक्रवार शाम तक जिला शिक्षा अधिकारी के पास 51 प्राइवेट, कॉन्वेंट और एडेड स्कूलों ने जवाब भेज दिया है। विभाग ने डिफाल्टर स्कूलों को फिर से रिमांडर भेजा है। सोमवार तक जवाब न देने वाले प्राइवेट स्कूलों पर सख्त कार्रवाई के लिए यूटी प्रशासन तैयार है। प्राइवेट स्कूलों को 20 अप्रैल तक नोटिस का जवाब देना था। 
 
 जीएस बख्शी, एडमिनिस्ट्रेटर सेंट कबीर स्कूल-26  ने बताया कि शुक्रवार को माइनोरिटी कमीशन के सामने पेशी थी। विभाग ने इस मामले में लीगल राय लेकर रिपोर्ट देने को कहा है। 


रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने बताया कि माइनोरिटी कमीशन के साथ मीटिंग में ईडब्ल्यूएस की राशि रिफंड करने और कुछ अन्य मामलों को रखा गया। कमीशन ने न्यू पब्लिक स्कूल की अर्जी को डिसमिस कर दिया है। सेंट कबीर स्कूल के मामले में अगली सुनवाई 22 अगस्त के लिए पोस्टपोन कर दी है। विभाग अपने स्तर पर नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करेगा। 


 सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव चंडीगढ़ ने बताया कि किसी भी प्राइवेट स्कूल पर कार्रवाई पूरी जांच के बाद ही की जा सकती है। पूरे मामले को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन देख रहे हैं।

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