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एनसीईआरटी के सर्वे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Sat, 19 Mar 2016 08:47 AM IST
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, नई दिल्ली
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 19 Mar 2016 08:47 AM IST
सार

  • अंग्रेजी, गणित, विज्ञान में ज्यादातर राज्यों के छात्र कमजोर
  • राष्ट्रीय औसत से पिछड़े कई राज्य, छात्रों में नहीं है विषय की समझ
  • पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव और अध्यापकों को विशेष ट्रेनिंग देने की सिफारिश

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ncert survey data shows maximum students weak in english math and science
एनसीईआरटी ने 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न बोर्डों के 7216 स्कूलों की कक्षा दस के बच्चों पर यह सर्वे किया।

विस्तार

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद  (एनसीईआरटी) की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर करवाए गए एक सर्वेक्षण के चिंताजनक नतीजे आए हैं। अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषय में ज्यादातर राज्यों के छात्र कमजोर हैं। देश के कई बड़े राज्य राष्ट्रीय औसत से पिछड़  गए हैं।

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दिल्ली, गुजरात समेत 17 राज्यों के छात्रों का अंग्रेजी ज्ञान राष्ट्रीय औसत से कम है, जबकि विज्ञान में तो स्थिति और खराब है। 24 राज्यों का स्कोर राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है। वहीं, गणित में सिर्फ चार राज्य केरल, कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना ही राष्ट्रीय औसत के स्तर से ऊपर का प्रदर्शन कर पाए हैं।
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रिपोर्ट बताती है कि राज्यों के छात्रों के लचर प्रदर्शन का सबसे बड़ा कारण उन्हें विषय की स्पष्ट समझ नहीं होना है। वे सवालों को सही से समझ नहीं पा रहे हैं। दरअसल, एनसीईआरटी के 2015 के ताजा नेशनल अचीवमेंट सर्वेक्षण में इन बातों का खुलासा हुआ है। एनसीईआरटी ने 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न बोर्डों के 7216 स्कूलों की कक्षा दस के बच्चों पर यह सर्वे किया।
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एनसीईआरटी ने इन आंकड़ों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव की सिफारिश करते हुए अध्यापकों की विशेष ट्रेनिंग और व्यापक रणनीति बनाने की जरूरत जताई है। विज्ञान में गोवा, कर्नाटक और केरल के अलावा 24 राज्य बेहद पीछे हैं। गणित में दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु के छात्र औसत से नीचे प्रदर्शन कर रहे हैं।

अंग्रेजी में सात राज्य गोवा, कर्नाटक, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, अंडमान निकोबार और सिक्किम का प्रदर्शन बढ़िया है। मगर दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, त्रिपुरा और उत्तराखंड काफी पिछड़े हुए है। अंग्रेजी, विज्ञान और गणित जैसे कठिन और स्कोरिंग विषयों के मुकाबले आसान माने जाने वाले सामाजिक विज्ञान और आधुनिक भारतीय भाषाओं में राज्यों का कुछ खास प्रदर्शन नहीं है।


सामाजिक विज्ञान में कर्नाटक, केरल, नागालैंड और तेलंगाना को छोड़कर दूसरे राज्य के छात्र कमजोर हैं। 19 राज्य तो राष्ट्रीय औसत से भी पिछड़ गए हैं। वहीं आधुनिक भारतीय भाषाओं में छह राज्य ही बेहतर हैं। इनमें दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र, मिजोरम, पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़ शामिल हैं।

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