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अब गरीब बच्चों को स्कूल में पढ़ाने पर मिलेगी ज्यादा राशि
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 13 Mar 2016 08:02 AM IST
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राजधानी के निजी स्कूलों को आर्थिक पिछड़े वर्ग व वंचित समूह (ईडब्लयूएस) के अंतर्गत आने वाले बच्चों पर किए जाने वाले खर्च के लिए सरकार स्कूलों को अब ज्यादा राशि का भुगतान करेगी।
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शिक्षा निदेशालय ने गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए दी जाने वाली भुगतान राशि में बढ़ोतरी कर दी है। अब निदेशालय प्रत्येक छात्र के हिसाब से 1598 रुपये की राशि का भुगतान करेगा। वर्तमान में निजी स्कूलों को प्रति छात्र के हिसाब से 1290 रुपये का भुगतान किया जाता है। इस राशि की अदायगी 2015-16 व 2016-17 के तहत नर्सरी से लेकर आठवीं तक के बच्चों के हिसाब से होगी।
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शिक्षा निदेशालय में संयुक्त निदेशक (प्लानिंग) एन.टी. कृष्णा की ओर से राशि में बढ़ोतरी करने के संबंध में आदेश जारी कर दिया है। स्कूलों केलिए राहत की बात यह है कि यह आदेश बीते सत्र में दाखिल हुए बच्चों पर भी लागू होगा। मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून 2009 के प्रावधानों के मुताबिक मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए यह अनिवार्य है कि वह स्कूलों में 25 फीसदी आधार पर आर्थिक पिछड़े वर्ग व वंचित समूह के बच्चों को दाखिला प्रदान करें।
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स्कूलों के लिए यह भी अनिवार्य है कि वह ऐसे वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराएंगे। आरटीई एक्ट 2009 की सेक्शन 12 के सब सेक्शन 2 व दिल्ली मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून 2011 के नियम 11 के मुताबिक सरकार मुफ्त शिक्षा के बदले में निजी स्कूलों को प्रति बच्चे के हिसाब से भुगतान करने को बाध्य है। इस भुगतान के तहत स्कूलों को किताबें, वर्दी व स्टेशनरी बच्चों को मुहैय्या करानी होती है। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.सी जैन ने इस आदेश को सरकार का एक बड़ा फैसला बताया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2014 में ही भुगतान की जाने वाली राशि में सौ रुपये का इजाफा कर 1290 किया था। ऐसे में अब सरकार ने सीधे 308 रुपये की बढ़ोतरी की है। पहली बार इतनी राशि बढ़ाई गई है जो कि काफी सराहनीय है। हालांकि यह राशि बड़े स्कूलों केलिए नाकाफी है।