छात्रों को झटका, एमएससी और पीएचडी की पढ़ाई हुई महंगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के वाईएस परमार उद्यानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय नौणी से अब एमएससी और पीएचडी करना महंगा हो गया है। सेल्फ फाइनेंस स्कीम (एसएफएस) के तहत पेड सीटों को खत्म कर सभी विषयों की सीटों को सामान्य घोषित कर दिया गया है।
सामान्य फीस में 10 से 15 फीसदी प्रति सेमेस्टर फीस बढ़ा दी गई है। पहले 25 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर खर्च आता था, जो अब बढ़कर 35 से 40 हजार रुपये हो गया है। बढ़ी हुई फीस इसी शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी। विवि ने ऑनलाइन प्रोस्पेक्टस जारी कर दिए हैं।
जून में बीएससी और एमएससी की प्रवेश परीक्षा होगी। काउंसलिंग के बाद जुलाई अंत तक कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। रजिस्ट्रार ललित भारद्वाज ने इसकी पुष्टि की है। उल्लेखनीय है कि कुल पंद्रह विभागों में एमएससी और पीएचडी की करीब 250 सीटें हैं। नौणी विवि में न केवल हिमाचल बल्कि पंजाब, हरियाणा, यूपी से भी सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ने पहुंचते हैं।
बीएससी में होगी सेल्फ फाइनेंसिंग सीट
नौणी विवि ने बीएससी वानिकी, बागवानी और बायो प्रौद्योगिकी में सेल्फ फाइनेंसिंग सीटों को बरकरार रखा है। हर वर्ष बीएससी संकाय में भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी विद्यार्थी यहां का रुख करते हैं। एमएससी और पीएचडी के लिए भी बड़े संस्थानों से विद्यार्थी यहां पहुंचते हैं।
इन विषयों पर होती है एमएससी/पीएचडी
वानिकी कॉलेज
सिल्विकल्चर और एग्रोफोरेस्टरी
फारेस्ट प्रोडक्टस
ट्री इम्प्रूवमेंट एंड जेनेटिक संसाधन
बेसिक साइंस
मृदा विज्ञान
जल प्रबंधन
सामाजिक विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान
बागवानी कॉलेज
जैव प्रौद्योगिकी
कीट विज्ञान
फ्लोरी कल्चर एंड लैंडस्केप
प्लांट पैथोलाजी
फल विज्ञान
बीज विज्ञान