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आउट ऑफ सिलेबस के सवाल देख परेशान हुए छात्र
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 20 Mar 2016 09:27 AM IST
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- फोटो : demo pic
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सीबीएसई 10वीं कक्षा के छात्र गणित के गुणा-भाग में उलझे रहे। 12वीं कक्षा की तरह 10वीं कक्षा का प्रश्नपत्र भी छात्रों की समझ से परे रहा। छात्रों का कहना है कि जिस हिसाब से तैयारी कराई गई थी और मॉडल प्रश्न थे।
प्रश्नपत्र उससे कहीं भी मेल नहीं खाता है। अधिकतर सवाल एनसीईआरटी पैटर्न के अनुसार पूछे गए थे। लेकिन तीन ऐसे सवाल भी थे जोकि छात्रों के लिए सिलेबस से बाहर थे।
शिक्षकों के मुताबिक सेट-ए व बी का 15वां नंबर प्रश्न और सेट ए का 27वां नंबर प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस था। यह 11वीं कक्षा के प्रश्न थे। जिसके कारण छात्रों को मुश्किल पड़ी।
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रोटरी पब्लिक स्कूल की शिक्षिका का कहना है कि बोर्ड ने इस बार पहले 12वीं का पेपर आउट ऑफ सिलेबस दिया और अब 10वीं में भी वही रहा। इससे छात्रों को काफी दिक्कत हुई।
केंद्रीय विद्यालय में परीक्षा देने आए सूरज का कहना है कि जब प्रश्न पढ़ाया ही नहीं गया तो वो क्या लिखें? इसके बदले उन्हें ग्रेस अंक देना चाहिए।
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प्रश्नपत्र उससे कहीं भी मेल नहीं खाता है। अधिकतर सवाल एनसीईआरटी पैटर्न के अनुसार पूछे गए थे। लेकिन तीन ऐसे सवाल भी थे जोकि छात्रों के लिए सिलेबस से बाहर थे।
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शिक्षकों के मुताबिक सेट-ए व बी का 15वां नंबर प्रश्न और सेट ए का 27वां नंबर प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस था। यह 11वीं कक्षा के प्रश्न थे। जिसके कारण छात्रों को मुश्किल पड़ी।
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रोटरी पब्लिक स्कूल की शिक्षिका का कहना है कि बोर्ड ने इस बार पहले 12वीं का पेपर आउट ऑफ सिलेबस दिया और अब 10वीं में भी वही रहा। इससे छात्रों को काफी दिक्कत हुई।
केंद्रीय विद्यालय में परीक्षा देने आए सूरज का कहना है कि जब प्रश्न पढ़ाया ही नहीं गया तो वो क्या लिखें? इसके बदले उन्हें ग्रेस अंक देना चाहिए।