6 महीने बर्फ में कैद, फिर भी चौंकाने वाला है इन स्कूलों का रिजल्ट
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साल के छह महीने बर्फ में कैद रहने वाले जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के गांवों के बच्चों ने हौव्वा माने जाने वाले अंग्रेजी-साइंस जैसे विषयों में शहरों के बच्चों को भी पीछे छोड़ दिया है। यह खुलासा 21 नवंबर 2015 को नौवीं के बच्चों का ज्ञान जांचने के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में अचीवमेंट सर्वे से हुआ है।
अंग्रेजी में 25 फीसदी और साइंस में 14 फीसदी से अधिक बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक लिए हैं। प्रदेश भर में अंग्रेजी के नतीजे का यह आंकड़ा करीब 14 फीसदी जबकि साइंस का महज 7.8 फीसदी है। सर्वे रिपोर्ट में दो विषयों में लाहौल-स्पीति के बच्चों ने प्रदेश के अन्य जिलों के बच्चों को पछाड़ दिया है।
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक लाहौल-स्पीति जिले की लड़कियों ने लड़कों से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। गणित विषय में जिले के बच्चों को और अधिक मेहनत करने की जरूरत है। गणित के परिणाम में लाहौल-स्पीति के बच्चों को प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। जिले के अनुसूचित जाति के बच्चों ने सामान्य श्रेणी और अनुसूचित जनजाति के बच्चों से बेहतर परिणाम दिया है।
इस श्रेणी के बच्चे पढ़ाई में अव्वल
तीनों विषयों में अनुसूचित जाति के बच्चे अन्य श्रेणियों से अव्वल रहे हैं। लाहौल-स्पीति के 275 बच्चों पर अचीवमेंट सर्वे किया गया। अंग्रेजी विषय में 70 बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। 104 बच्चों ने 40 से 60 प्रतिशत के बीच और 101 बच्चों ने 40 प्रतिशत से अंक प्राप्त किए।
विज्ञान विषय में 39 बच्चों से 60 प्रतिशत से अंक आए। 113 बच्चों के 40 से 60 प्रतिशत के बीच और 123 बच्चों के 40 प्रतिशत से कम अंक आए। गणित विषय में 34 बच्चों के 60 प्रतिशत से अंक आए। 115 के 40 से 60 प्रतिशत के बीच और 126 बच्चों के 40 प्रतिशत से कम अंक आए।
ऊना और शिमला ने भी की कड़ी मेहनत
अचीवमेंट सर्वे में बेशक लाहौल-स्पीति जिले के बच्चों ने बाजी मारी है, लेकिन ऊना और शिमला के बच्चों की भी कड़ी मेहनत रंग लाई। अंग्रेजी विषय में ऊना के 18.6 प्रतिशत और शिमला के 18.5 प्रतिशत बच्चों के 60 प्रतिशत से अधिक अंक आए।
अंग्रेजी की परीक्षा में ऊना दूसरे और शिमला तीसरे स्थान पर रहा। विज्ञान विषय में शिमला ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। शिमला के 10.7 प्रतिशत बच्चों और तीसरे नंबर पर रहे ऊना के 10.6 प्रतिशत बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।
गणित में ऊना, कांगड़ा के बच्चे तेज
गणित विषय में ऊना और कांगड़ा जिला के बच्चे अव्वल रहे। दोनों जिलों के 13-13 प्रतिशत बच्चों से 60 प्रतिशत से अंक प्राप्त किए। शिमला जिला का दूसरा नंबर रहा। यहां के 12.5 प्रतिशत बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।