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डीयू जुबली हॉल के पांच छात्रों ने सिविल सेवा परीक्षा में लहराया परचम

Thu, 12 May 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 12 May 2016 12:59 AM IST
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Jubilee Hall of the Civil Service examination in five university students waved the flag
दिब्याज्योति - फोटो : divyajyoti

दिल्ली विश्वविद्यालय के जुबली हॉल के पांच छात्रों ने सिविल सर्विसेज परीक्षा पास कर परचम लहराया है। इनमें से एक छात्र दिब्याज्योति परीदा ने ऑल इंडिया 26वीं रैंक हासिल की है। एक अन्य छात्र धवल कुमार जायसवाल ने 452वीं, अनुराग कुमार सिंह ने 498वीं व अशहर अहमद ने 647वीं जबकि दीपक कुमार आजाद ने 1003  रैंक हासिल की है। अपने छात्रों की इस उपलब्धि पर जुबली हॉल के प्रोवोस्ट सीएस रावत ने खुशी जताई है।

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ओडिसा के दिब्याज्योति परीदा ने बताया कि उन्होंने तीसरे प्रयास में सफलता पाई है। वे कहते हैं कि परीक्षा, इंटरव्यू अच्छा गया था लिहाजा यह तो पता था कि सफलता प्राप्त कर लेंगे लेकिन यह नहीं पता था कि अच्छी रैंक आ जाएगी। इस उपलब्धि में वह अपने माता-पिता का सहयोग मानते हैं। 
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वह कहते हैं कि अक्सर सफल न हो पाने के कारण तनाव होता था लेकिन परिवार ने हर पल उन्हें बढ़ावा दिया। वे चाहते हैं कि उन्हें ओडिसा में ही नौकरी मिले तो अच्छा होगा। वैसे जो ड्यूटी मिलेगी उसे पूरा करुंगा। डीयू से परीदा ने एमएससी बॉटनी की पढ़ाई की है। सिविल सर्विसेज की परीक्षा में उनका मुख्य विषय भी बॉटनी ही था।
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जुबली हॉल के विषय में कहते हैं कि इस परीक्षा में कई छात्र जुबली हॉल से ही पास होते हैं। जुबली हॉल का परीक्षा में अलग ही योगदान है। उनकी  मां कटक में एनआरआरआई में विभागाध्यक्ष हैं जबकि पिता एग्रीकल्चर इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त हैं। वहीं इस हॉल में रहे एक अन्य छात्र दीपक कुमार आजाद की 1003 रैंक आई है। मूलत: यूूपी के खाकापुर, जौनपुर जिले के रहने वाले आजाद अपनी रैंक से खुश नहीं है। 

वह कहते हैं कि पांचवें प्रयास में यहां तक पहुंचे हैं। अब रैंक सुधारने के लिए वह फिर से परीक्षा में बैठेंगे। वह कहते हैं कि टाइम मैनेजमेंट ठीक न होने से उनकी रैंक खराब हुई है। उनके पिता किसान हैं। फिलहाल दीपक डीयू में लॉ सेंटर-1 में सहायक प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं। डीयू से ही उन्होंने एलएलएम व एलएलबी की पढ़ाई की है। 


सुल्तानपुर निवासी धवल कुमार जायसवाल ने चौथे प्रयास में यह सफलता पाई है। धवल के अनुसार रैंक को सुधारने का प्रयास वे अब भी करेंगे। वर्तमान में उनका चयन केंद्रीय विश्वविद्यालय त्रिपुरा में सहायक प्रोफेसर के पद पर हो चुका है।

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