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IP यूनिवर्सिटी: 2013 से देना होगा फीस बढ़ोतरी का पैसा
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 06 Mar 2016 11:24 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आईपी यूनिवर्सिटी में 20 फीसदी फीस बढ़ोतरी का पैसा छात्रों को वर्ष 2013 से देना होगा। यूनिवर्सिटी में वर्ष 2012 में 20 फीसदी फीस बढ़ी थी। हालांकि फीस बढ़ोतरी हर दो साल के बाद होती है, लेकिन पिछले चार सालों से फीस नहीं बढ़ी थी।
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हालांकि विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को साफ निर्देश दिया है कि फीस बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही वे छात्रों से फीस बढ़ोतरी का पैसा ले सकते हैं, लेकिन उससे पहले नहीं।
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आईपी यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक सत्र 2016-17 के तहत विभिन्न डिग्री प्रोग्राम में छात्रों को 20 फीसदी फीस बढ़ोतरी का पैसा देना होगा। छात्रों की परेशानी फीस बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2013 के तहत पिछली फीस का बकाया चुकाने से है।
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जिन छात्रों ने शैक्षणिक सत्र वर्ष 2013, 2014, 2015 में दाखिला लिया था, उन्हें 20 फीसदी के आधार पर इन तीन सालों का पुराना बकाया भी देना होगा, जोकि लाखों रुपये में होगा।
छात्रों का तर्क है कि यदि फीस बढ़ोतरी करनी है तो फिर चालू वित्त वर्ष के तहत शैक्षणिक सत्र से की जाए। हालांकि छात्र 20 फीसदी फीस बढ़ोतरी को भी अधिक मान रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि हमें फीस का पुराना बकाया देना पड़ेगा तो हमारे परिजन लाखों रुपये कहां से देंगे। फीस न भर पाने की स्थिति में उनकी डिग्री रोक दी जाएगी या परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा।
छात्रों का कहना है कि जब हमने दाखिला लिया तो उस समय फीस के साथ अपनी आर्थिक स्थिति की भी समीक्षा की थी, लेकिन पुरानी फीस का बकाया इस तरह से लेना कहां तक जायज है।
सीएम निवास के बाहर विरोध जताया
20 फीसदी फीस बढ़ोतरी के खिलाफ एबीवीपी दिल्ली इकाई और आईपी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल के निवास के बाहर विरोध दर्ज करवाया। साकेत बाहुगुणा के मुताबिक, पिछले वर्षों की फीस छात्र कहां से चुकाएंगे। आम आदमी की सरकार ने आम छात्रों को ठगा है। छात्र पुरानी फीस के तहत लाखों रुपये का बकाया कहां से चुकाएंगे।