फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर शिकंजा, प्रशासन ने बिठाई जांच
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शिमला में निजी स्कूलों की मनमानी पर जांच बैठा दी गई है। लगातार आ रही शिकायतों और अभिभावकों के आंदोलन के बाद डीसी ने कमेटी का गठन कर दिया है। शिमला शहर में निजी स्कूलों की ओर से फीस में भारी भरकम बढ़ोतरी कर दी गई है।
कई स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीस बढ़ाकर अभिभावकों की जेब पर जबरदस्त कैंची चलाई है। अगर कमेटी की जांच में स्कूल प्रबंधन पर आरोप साबित होते हैं तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। कमेटी को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी।
बेबस अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर इसका खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं, हालांकि शहर के तीन स्कूलों में अभिभावकों ने एकजुट होकर विरोध भी किया। इनमें से केवल एक स्कूल ने ही फीस बढ़ोतरी में कमी की है लेकिन दो स्कूलों ने अभिभावकों को फीस कटौती करने के लिए साफ इंकार कर दिया।
स्कूल फीस के अलावा इन चीजों की कीमतें भी बढ़ीं
स्कूल फीस के अलावा कॉपी- किताबें, स्कूल की ड्रेस, जूते इत्यादि में भी पिछले साल के मुकाबले तगड़ा इजाफा हुआ है। ड्रेस की खरीद के बाद भारी भरकम फीस चुकाने वाले अभिभावकों की स्कूल प्रबंधन ने कमर तोड़ दी है।
प्रशासन की अनदेखी की वजह से शिमला शहर के अधिकांश स्कूल बेलगाम हो गए हैं। अगर कोई अभिभावक विरोध करता है तो उसे सीधे चेतावनी दी जाती है कि अपने बच्चे को इस स्कूल से ले जाकर किसी दूसरे स्कूल में दाखिला करवा दो।
स्कूल प्रबंधन का अभिभावकों के साथ यह बरसों से इमोशनल ब्लैकमेलिंग का खेल चल रहा है। जिला प्रशासन को भी इस बारे में शिकायतें बराबर मिलती आ रही हैं लेकिन कई स्कूल प्रबंधनों की राजनीतिक गलियारों तक ऊंची धमक की वजह से रिपोर्ट धरी की धरी रह जाती है।
ये होंगे जांच के बिंदु
उपायुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उनके पास भी अभिभावकों की ओर से शिकायतें पहुंच रही हैं। उन्होंने सोमवार को कमेटी का गठन किया, यह शिमला शहर के कुछ स्कूलों के फीस स्ट्रक्चर का अध्ययन करेंगे और साथ ही इस बात का भी पता लगाया जाएगा कि भारी भरकम फीस की एवज में यह छात्रों को क्या सुविधाएं मुहैया करवा रहे हैं। हर साल फीस बढ़ोतरी कितनी जायज है इस पर भी जांच होगी।
अभिभावकों को जगी न्याय की उम्मीद
जिन स्कूलों ने नियमों के विपरीत फीस बढ़ाकर अभिभावकों की जेबों को खाली किया है उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य सरकार से सिफारिश की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से गठित की गई कमेटी से अभिभावकों को न्याय मिलने की उम्मीद जग गई है। जिला प्रशासन इस पूरे मामले में कितना तत्पर है और कमेटी की रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई होती है इस पर पूरे शहर की नजर टिकी हैं।
उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि शिमला में निजी स्कूलों के फीस ढांचे का अध्ययन करने के लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी निजी स्कूलों के फीस ढांचे का अध्ययन कर 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। जिला प्रशासन शिमला को पिछले कुछ समय से निजी स्कूलों द्वारा छात्रों से मनमानी फीस वसूलने की शिकायतें मिल रही थी। इस कमेटी में शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।