{"_id":"573ec5104f1c1b0f25ac76f0","slug":"hpu-students-on-hunger-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"HPU हॉस्टलों में भूखे रहे छात्र, अनशन में हुए शामिल","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
HPU हॉस्टलों में भूखे रहे छात्र, अनशन में हुए शामिल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 20 May 2016 01:34 PM IST
विज्ञापन
होस्टल मेस में भूख हड़ताल करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसएफआई के क्रमिक अनशन में हॉस्टल के छात्र भी शामिल हो गए हैं। छात्रावासों में रहे छात्रों ने अनशन के समर्थन में रात का खाना नहीं खाने का एलान कर दिया है। विवि के चार हॉस्टलों में छात्रों ने एलान कर दिया है। वीरवार रात को ये छात्र खाना नहीं खाएंगे। इससे पहले दिन को एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की मांगों को उजागर करने के लिए नुक्कड़ नाटक किया।
विज्ञापन
परिसर में 43वें दिन भी 48 घंटे के क्रमिक अनशन को बराबर जारी रखा। छात्र नेताओं ने एलान किया है कि 43 दिनों से चल रहे क्रमिक अनशन और विवि प्रशासन के नकारात्मक लापरवाह रवैये के चलते वीरवार शाम रात को छात्रावासों में रह रहे आम छात्र भी अनशन करेंगे और रात का खाना नहीं खाएंगे।
विज्ञापन
इकाई अध्यक्ष नोवल ठाकुर ने बताया कि वीरवार को 48 घंटे के अनशन पर बैठे तीन छात्र केवल कुमार, लाल सिंह और हेम राज तीन दिन तक अनशन आगे बढ़ाएंगे। नोवल ने चेताया कि जब तक विवि प्रशासन उठाई गई 46 मांगों पर सकारात्मक लिखित में जवाब नहीं देती और मांगे मान नहीं लेती तब तक आंदोलन बराबर जारी रहेगा। आने वाले समय में इसे और उग्र बनाया जाएगा।
विज्ञापन
नोवल और सचिव विपिन ने कहा कि कुलपति लगभग हर माह परिसर में शिक्षा में गुणात्मक सुधार और लेक्चर सीरीज के नाम पर अध्यात्म गुरुओं के भाषण करवा रहे है। उन्हें शिक्षकों की कमी और उसे आम छात्रों की प्रभावित हो रही पढ़ाई से कोई सरोकार नहीं है। यही नहीं इस तरह के लेक्चर के लिए गैर शिक्षक कर्मचारियों की हाजिरी अनिवार्य की जा रही है। जिससे परिसर में काम लेकर आने वाले सैकड़ों लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।