रूसा सीबीसीएस को ऑर्डिनेंस का हिस्सा बनाने की स्वीकृति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचपीयू की डीन कमेटी की अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें हजारों छात्रों से जुड़े दो बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
यूजी में तीन सत्रों से लागू रूसा सीबीसीएस को रूसा का हिस्सा बनाने और हिमालयन अध्ययन संस्थान (आईआईएचएस) में चलाए जा रहे एमबीए ग्रामीण विकास और एमएससी इनवायरनमेंट साइंस कोर्स को अलग-अलग फैकल्टी में लिया है।
अब लाइफ साइंस और कॉमर्स एंड मैनेजमेंट से दोनों कोर्स के छात्रों को डिग्री दी जाएगी। कॉलेजों में यूजी कोर्स में 2013 से लागू रूसा सीबीसीएस को विधिवत रूप से विश्वविद्यालय के ऑर्डिनेंस का हिस्सा बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा ने माना कि दोनों अहम फैसलों के अलावा अन्य छात्रों, विभागों से जुड़े मामलों पर फैसले लिए गए। बैठक में डीनस में
लाइफ साइंस डीन प्रो. एसएस कंवर, परफारमिंग आर्ट एंड विजुअल आर्ट डीन प्रो. हिम चटर्जी, इंजीनियरिंग डीन प्रो. नीरज, प्रो. एसएस चौहान, डीन प्रो. एमएस चौहान, प्रो. कुलवंत पठानिया मौजूद रहे।
डीनस कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद अब इसे तीस मई को होने वाली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में अंतिम मंजूरी को लाया जाएगा। इसके बाद राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही नया सिस्टम ऑर्डिनेंस का हिस्सा बनेगा।
एमएचआरडी गाइडलाइंस लागू करने पर चर्चा
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और यूजीसी की यूजी कोर्स लागू करने को जारी गाइडलाइंस पर डीनस ने चर्चा की। नई गाइडलाइंस और पुरानी में बदलाव करने पर एक-एक मद पर चर्चा हुई। निर्णय लिया कि इन्हीं गाइडलाइंस के मुताबिक एचपीयू अब यूजी डिग्री कोर्स में रूसा सीबीसीएस को लागू करेगा।
अधिष्ठाता अध्ययन कार्यालय जल्द प्रस्ताव तैयार कर ईसी से मंजूरी को भेजेगा। यूजी कोर्स में प्रवेश को कोई विशेष बदलाव नई गाइडलाइंस में नहीं होगा। सिलेबस, सब्जेक्ट कांबिनेशन के साथ अंक विभाजन, डिग्री के लिए आवश्यक क्रेडिट्स आदि को नई गाइडलाइंस के मुताबिक ही लागू किया जाएगा।
आईआईएचएस के दोनों कोर्स की फैकल्टी तय
डीनस कमेटी ने करीब तीन वर्षों से बिना फैकल्टी तय चलाए जा रहे आईआईएचएस कोर्स की फैकल्टी तय कर दी है। इसमें एमबीए ग्रामीण विकास को कॉमर्स एंड मैनेजमेंट, एमएससी इनवारमेंट साइंस को लाइफ साइंस फैकल्टी में रखा है।
दोनों कोर्स को इन्हीं फैकल्टी में डिग्री दी जाएगी। अब इसे ईसी से मंजूरी मिल जाएगी और एक साल से डिग्री का इंतजार कर रहे छात्रों को जल्द डिग्री मिल जाएगी।