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छात्र संगठनों पर प्रतिबंध, ईसी करेगी फैसला

Sat, 26 Mar 2016 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 26 Mar 2016 09:07 AM IST
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 HPU EC will decide, Ban on students organisation.
एचपी यूनिवर्सिटी

30 मार्च को होने वाली ईसी की बैठक में छात्र संगठनों पर प्रतिबंध लगने की संभावना जताई जा रही है। एचपीयू परिसर में रक्तदान शिविर के दौरान छात्र गुटों में हुई हिंसा की घटना, उसके तुरंत बाद कमेटी गठित करना, तीन दिन में रिपोर्ट देने के आदेशों के साथ ही छात्र संगठनों पर प्रतिबंध लगाने को कानूनी रॉय लेने के लिए कुलसचिव को कुलपति के आदेश जरूरत से ज्यादा ही प्रशासन की सक्रियता नजर आ रही है।

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हालात कहीं न कहीं छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाने के समय से मेल खा रहे हैं। 30 मार्च को ईसी की बैठक भी होनी है। बैठक भले ही बजट पारित करने को हो रही है, मगर इसमें भी कानूनी रॉय और हिंसा मामले की जांच रिपोर्ट रखे जाने की संभावनाएं बन रही है। विवि प्रशासन फिलहाल इस पर चुप्पी साधे हुए है।
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कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने भी स्वयं 21 मार्च को अपने बयान में साफ किया था कि अप्रत्यक्ष (मनोनयन )से एससीए चुने जाने के बाद अब इन संगठनों का कोई औचित्य भी नहीं रह गया है। इससे जाहिर है कि छात्र संगठनों पर पूरे प्रदेश में न सही एचपीयू परिसर में तो प्रतिबंध लगाए जाने की तलवार लटका दी गई है। हालांकि परिसर में 21 मार्च को हुई हिंसा की घटना इतनी गंभीर नहीं थी, जो छात्र संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए मजबूत आधार बने।
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26 अगस्त 2014 को लगा था एससीए चुनाव बैन
एचपीयू में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ अगस्त माह में छात्र आंदोलन खड़ा हुआ। नए सत्र के शुरू में विवि और कॉलेज परिसर में हुई हिंसा की घटनाओं का हवाला देते हुए कार्यकारी परिषद में छात्र संघ चुनाव प्रतिबंध का प्रस् ताव लाया। 26 अगस्त की ईसी की बैठक में प्रत्यक्ष चुनाव पर रोक का फैसला हुआ। इससे आंदोलन भड़का और 17 सितंबर को कुलपति की गाड़ी रोक उन पर कथित तौर पर हमला किया। नौ सितंबर को मनोनयन से चुनावी प्रक्रिया तय कर घोषित हो गई थी।


रूसा के खिलाफ आंदोलन हो सकता है शांत
छात्र संगठनों पर रोक लगी तो, रूसा की तमाम खामियों, जून माह में पहले बैच को मिलने वाली डिग्री और डिग्री मान्यता के मामले को लेकर छात्र संगठनों की आवाज फिर शायद ही उठ पाए। एचपीयू प्रशासन का मार्च माह में संगठनों पर प्रतिबंध लगाने को प्रक्रिया शुरू करने को रूसा की खामियों से जोड़ कर भी देखा जा रहा है।

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