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एचपीयू का दावा, नहीं रिजेक्ट हुए रूसा छात्रों के फॉर्म
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 18 Mar 2016 10:35 AM IST
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एचपी यूनिवर्सिटी
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बाहरी राज्यों के विश्वविद्यालयों में पीजी में प्रवेश के लिए एक भी आवेदन रिजेक्ट नहीं हुआ है। यह दावा एचपीयू की कार्यकारी परिषद की ओर से गठित की गई विशेष रूसा शिकायत निवारण कमेटी ने किया है। बुधवार को विवि में कमेटी के अध्यक्ष विधायक बंबर ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद यह दावा किया गया है।
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विवि प्रशासन ने साफ किया है कि कमेटी के पास एक भी ऐसी शिकायत लिखित में नहीं आई है, जिसमें किसी छात्र का बाहरी विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए भरा गया आवेदन रद्द हुआ हो। विवि प्रशासन का कहना है कि इस बैठक में एचपीयू की मनोनीत एससीए सहित छात्र संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद थे। इनके साथ रूसा और इससे जुड़ी हर तरह की समस्याओं पर विस्तार से चरचा की गई।
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बैठक में फैसला लिया गया कि रूसा सीबीसीएस यूजी कोर्स के पहले बैच यानि छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं अप्रैल और मई माह अंत तक करवा दी जाएंगी। कमेटी अध्यक्ष बंबर ठाकुर ने कहा कि जल्द ही यूनिवर्सिटी नया सॉफ्टवेयर कार्य करना शुरू कर देगी। इसके बाद से छात्रों को बैंकों में फीस जमा करवाने के चक्कर से निजात मिलेगी, वे प्राचार्य तथा कॉलेज के माध्यम से फीस तथा फार्म जमा करवा सकेंगे।
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विवि छात्रों की सुविधा के लिए अलग से एक अकादमिक कलेंडर भी बनाएगा। जिसे सख्ती से लागू किया जाएगा, इसमें कक्षाएं, परीक्षा और मूल्यांकन सहित अवार्ड एंट्री के लिए समय सीमा तय की जाएगी। इससे रूसा की हर तरह की समस्याएं हल हो जाएगी और परीक्षा परिणाम भी समय से घोषित होंगे।
पात्रता शर्त ही पूरी नहीं करते है छात्र
एचपीयू की सीबीसीएस रूसा की यूजी डिग्री को अब तक यूजीसी से एचपीयू मान्यता ही नहीं दिलवा पाया है, कुलपति ने दावा जरूर किया है। डिग्री मान्य न होने और साइंस के पीजी कोर्स में अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने की पात्रता शर्त को ही छात्र पूरी नहीं करते है। ऐसे में उनके फार्म रिजेक्ट होने का सवाल ही खड़ा नहीं होता है। एचपीयू जो यूजी डिग्री करवा रहा है, उसमें छात्र ने साइंस के विषय के साथ आर्ट्स के विषय माइनर के रूप में पढ़े हैं।
मामले को गंभीरता से ले विश्वविद्यालय : एचसीटीए
कॉलेज प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष राजेश यादव, महासचिव राम लाल शर्मा और अकादमिक सचिव जोगेंद्र सकलानी ने विवि प्रशासन से रूसा डिग्री मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है, चूंकि यह मामला हजारों छात्रों के भविष्य से जूड़ा है। उनका कहना है कि 24 फरवरी को कुलपति की अध्यक्षता में हुई रूसा हाई पॉवर कमेटी की बैठक में संजौली कॉलेजों के छात्रों को प्रवेश लेने में आई समस्या पर बाकायदा चर्चा हुई थी।
उन्होंने कहा कि एचपीयू रूसा डिग्री पास आउट छात्र अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश की पात्रता शर्त पूरी भी करते है या नहीं अपने स्तर पर पता लगाए, समस्या के आने का इंतजार न करे। मामला गंभीर है।