एचएएस परीक्षा के नए पाठ्यक्रम को मंजूरी, ये बदलाव हुए
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एचएएस परीक्षा को आईएएस की तर्ज पर करने के पाठ्यक्रम और प्रारूप को लोक सेवा आयोग ने सोमवार को मंजूरी दे दी। इसका अनुमोदन करने के बाद आयोग ने इसे राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेज दिया है।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष केएस तोमर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हिमाचल प्रशासनिक सेवा (एचएएस) परीक्षा के मुख्य भाग के नए पाठ्यक्रम को आईएएस परीक्षा पद्धति के अनुकूल अनुमोदित कर दिया गया।
यह पाठ्यक्रम जनवरी 2017 के दौरान आयोजित होने वाली एचएएस परीक्षा से कार्यान्वित होगा। बैठक में आयोग के सदस्य प्रदीप चौहान, आरएस नेगी, डा. मान सिंह और आयोग के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। आयोग के अध्यक्ष केएस तोमर ने कहा कि इस परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्नपत्रों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूरा कर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
नए प्रारूप से एक वैकल्पिक विषय को हटाया
तोमर ने कहा कि प्रस्तावित सूक्ष्म पाठ्यक्रम को आयोग की वेबसाइट पर सभी इच्छुक अभ्यर्थियों और आम जनता की जानकारी समेत सुझावों के लिए अपलोड किया गया था। इस नए पाठ्यक्रम के निर्माण का दायित्व आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. जेसी शर्मा को सौंपा गया था।
इस कार्य को अंतिम रूप देने के लिए बीस से अधिक विभिन्न विशेषज्ञों, विद्वानों और आचार्यों का सहयोग लिया गया। पाठ्यक्रम का अंतिम मसौदा इच्छुक अभ्यर्थियों के प्रयोग के लिए आयोग की वेबसाइट पर जल्द ही अपलोड किया जाएगा।
नए प्रारूप में दो वैकल्पिक विषयों के स्थान पर एक ही वैकल्पिक विषय का चयन किया गया है, जो अधिकतम 200 अंकों का तय हुआ है। इसके दो प्रश्न पत्र प्रत्येक 100 अंकों के निर्धारित किए गए हैं। इस व्यवस्था को संघ लोक सेवा आयोग की ओर से ली जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा के अनुरूप किया गया है।
यहां सामान्य अध्ययन के अंक ही मान्य
एचएएस प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र प्रत्येक 200 अंक के होंगे। इनमें एक सामान्य अध्ययन और दूसरा एप्टीट्यूड टेस्ट का होगा। इस परीक्षा में सफलता के लिए योग्यता सूची में स्थान निर्धारण के लिए सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में प्राप्त अंक ही मान्य होंगे।
साथ में एप्टीट्यूयड टेस्ट के प्रश्नपत्र में 33 प्रतिशत अंकों का अर्जन अनिवार्य शर्त रहेगी। मुख्य परीक्षा में अंग्रेजी और हिंदी विषय में प्रत्येक 100 अंक के होंगे, जिनमें 40 प्रतिशत अंक अनिवार्य होने की शर्त होगी।
सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्र एक, दो और तीन प्रत्येक 200 अंक के होंगे। अंग्रेजी भाषा में निबंध 100 अंक, वैकल्पिक विषय 200 अंक और साक्षात्कार 150 अंकों के होेंगे। इस तरह कुल अंक 1050 होंगे।