{"_id":"5711bd6c4f1c1b7a274a6ac7","slug":"hp-university-teachers-recruitment-ugc-give-relief-to-phd-holders","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूजीसी की शर्त से राहत, एचपीयू में जल्द होगी शिक्षक भर्ती","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
यूजीसी की शर्त से राहत, एचपीयू में जल्द होगी शिक्षक भर्ती
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 18 Apr 2016 11:32 AM IST
विज्ञापन
अब नए नियम आ जाने के बाद दो चरणों में हुए शिक्षक भर्ती साक्षात्कार के करीब 57 पदों के साक्षात्कार के परिणाम घोषित हो सकेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक भर्ती की पात्रता शर्तों के कारण लटके भर्ती परिणाम की मुख्य बाधा यूजीसी के असिस्टेंट प्रोफेसर पद की पात्रता को बनाए गए नए नियम तय होने से हट गई है। नए नियमों में साफ है कि वर्ष 2009 से पहले तय नियमों और शर्तों के मुताबिक पीएचडी पूरी करने वाले कॉलेज और विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए अब से पात्र होंगे।
विज्ञापन
प्रदेश विश्वविद्यालय को इससे बड़ी राहत मिली है, चूंकि अब नए नियम आ जाने के बाद दो चरणों में हुए शिक्षक भर्ती साक्षात्कार के करीब 57 पदों के साक्षात्कार के परिणाम घोषित हो सकेंगे। एचपीयू अब यूजीसी के इन नए नियमों की अधिसूचना पहुंचने का इंतजार कर रहा है। अधिसूचना मिल जाने के बाद एचपीयू साक्षात्कार परिणाम घोषित करने को आगामी प्रक्रिया शुरू कर पाएगा।
विज्ञापन
जिसे विवि कार्यकारी परिषद में ले जाकर स्वीकृत करेगा, उसके बाद इससे संबंधित कानूनी पहलुओं पर राय लेकर साक्षात्कार परिणाम घोषित करने पर फैसला ले सकेगा। एचपीयू के शिक्षक भर्ती के वर्ष 2012 से लेकर लटके करीब 27 और इतने ही वर्ष 2014, 15 में हुए शिक्षकों के साक्षात्कारों के परिणाम पात्रता शर्तों की मान्यता को लेकर पैदा हुए विवाद के चलते रोक दिए थे। परिणाम घोषित करने में अब कोई अड़चन शेष नहीं रह गई है। इससे विश्वविद्यालय में सालों से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे छात्रों को पढ़ाने के लिए रेगुलर शिक्षक मिल सकेंगे।
विज्ञापन
यह था मामला
एचपीयू ने 2012 और 2014 में शिक्षक भर्ती की शुरू की प्रक्रिया में 2009 जुलाई माह से पहले के नियमों के मुताबिक पीएचडी डिग्री धारकों को असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए रखी नेट सेट की शर्त से छूट दी थी। इसी के आधार पर साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। मामला कोर्ट में जाने और पात्रता की इस शर्त पर विवाद खड़ा होने पर विवि ने साक्षात्कार के परिणाम घोषित नहीं किए।
सिर्फ नेट सेट पास व गैर विवादित पदों के परिणाम ही घोषित किए गए। उधर, नए नियमों में पीएचडी धारकों को नेट सेट से छूट का लाभ लेने के लिए जोड़ी गई दो पीएचडी मेटर के पब्लिकेशन और सेमीनार में प्रेजेंटेशन की शर्त मुश्किल खड़ी कर सकती है। चूंकि पहले ऐसी कोई शर्त नहीं थी।
पूरे देश भर के डिग्री धारकों को राहत : वीसी
विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने माना कि यूजीसी के पीएचडी और एमफिल के नए नियमों में शिक्षक भर्ती को दी गई ए,बी,सी,डी और ई मदों में दी गई छूट के मुताबिक अब 2009 से पहले पीएचडी कर चुके उम्मदीवार भी पात्र हो गए हैं। यह पूरे देश भर के करीब एक लाख डिग्री धारकों के लिए राहत है। उन्होंने कहा कि नए नियमों और शर्तों की अधिसूचना मिलते ही इसे ईसी में ले जाकर एडाप्ट किया जाएगा। कानूनी राय लेकर रुके साक्षात्कार परिणाम घोषित करने पर फैसला ले लिया जाएगा।