छात्रों को राहत, बीबीए-बीसीए कोर्स में प्रवेश की तिथि बढ़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचपीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस स्टडीज (यूसीबीएस) के बीबीए/बीसीए कोर्स में प्रवेश का शेडयूल सीबीसीएसई की जमा दो परीक्षा का परिणाम आने में देरी होने से बदलना पड़ा है। संस्थान ने 16 मई तक तय आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 25 मई कर दी है।
दो जून को प्रवेश परीक्षा की तारीख फिलहाल नहीं बदली गई है। 16 मई के बाद जमा होने वाले आवेदन फार्म पर मौके पर ही परीक्षा रोलनंबर जारी करने की व्यवस्था रहेगी। संस्थान के निदेशक प्रो. एसएस नारटा ने कहा कि छात्र संस्थान में किसी भी कार्य दिवस पर आवेदन फार्म जमा करवा सकते हैं।
आवेदनों की छंटनी कर रोलनंबर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्रों के फार्म सही पाए जाने पर मौके पर ही रोलनंबर जारी किए जाएंगे।
इस बार विदेशी आवेदनकर्ताओं की संख्या बढ़ी
बीबीए/बीसीए कोर्स में प्रवेश लेने को विदेशी छात्रों का रुझान बढ़ा है। इस बार आवेदनों की संख्या बढ़ गई है। पिछले सत्र में संख्या 98 थी। यह इस बार 180 हो गई है। दोनों कोर्स में विदेशी छात्रों के लिए दस-दस सीटें आरक्षित होती हैं।
शैक्षणिक सत्र 14-15 में यह संख्या 38 थी। संस्थान के निदेशक प्रो. नारटा ने माना कि नेपाल, अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, मालदीव, मिस्र, नाइजीरिया, थाइलैंड, इंडोनेशिया और भूटान से आवेदन पहुंचे हैं।
पिछली बार तीन देशों से आवेदन आए थे। इस बार दस देशों से एंबेसी से आवेदन आए हैं। विवि के पूर्व छात्र रहे अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई के देश से बीबीए को 50, बीसीए के लिए 30 आवेदन आए हैं।
किस कोर्स में कितनी सीटें
बीबीए कोर्स में 40 सब्सिडाइज्ड, 20 नॉन और तीन वार्ड ऑफ एचपीयू कर्मचारी और एक सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए आरक्षित हैं। कुल 64 सीटें हैं। बीसीए कोर्स की कुल 54 सीटों में 30 सब्सिडाइज्ड, बीस नॉन सब्सिडाइज्ड, तीन एचपीयू कर्मचारी वार्ड और एक सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए आरक्षित है।
जगह के अभाव में सीटें बढ़ाना मुश्किल
यूसीबीएस में 180 से अधिक विदेशी छात्रों के आवेदन आने के बावजूद संस्थान और विवि कोर्स की सीटों को नहीं बढ़ा पा रहा है। संस्थान के हेरिटेज साइट में होने से यहां अपना बहुमंजिला भवन बनाना संभव नहीं है। अब संस्थान का अलग कैंपस बनाए जाने की योजना के सिरे चढ़ने पर ही सीट बढ़ाना संभव होगा।