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प्रोस्पेक्टस में देना होगा हर फीस का हिसाब

Sun, 06 Mar 2016 12:40 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 06 Mar 2016 12:40 AM IST
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himachal pradesh state education regulatory commission
himachal pradesh state education regulatory commission - फोटो : Demo Pic

प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को अपने प्रोस्पेक्टस में विद्यार्थियों से वसूली जाने वाली हर फीस का हिसाब देना होगा। एचपी स्टेट एजूकेशन रेगुलेटरी कमीशन ने शिक्षण संस्थानों को आदेशों का पालन करने को कहा है। कमीशन के सदस्य सुनील शर्मा ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए।

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आदेशों में कहा गया कि छात्रों को रिफंडेबल सिक्योरिटी और फाइन लौटाना होगा। एक निजी शिक्षण संस्थान के मामले की सुनवाई करते हुए सुनील शर्मा ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को एडमीशन फीस, रिफंडेबल फाइन और सिक्योरिटी सहित अन्य तरह की फीस का प्रोस्पेक्टस में उल्लेख करना अनिवार्य है।
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अगर कोई संस्थान छात्रों से किसी भी प्रकार की राशि को वसूलता है और उसका जिक्र वह प्रोस्पेक्टस में नहीं करता है तो वह नियमों के खिलाफ होगा। ऐसे संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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कमीशन ने 10 दिसंबर 2015 को एक निजी शिक्षण संस्थान के खिलाफ मिली शिकायत पर सुनवाई करते हुए संस्थान को छात्रों को सिक्योरिटी और फाइन वापस करने को कहा था। शिक्षण संस्थान ने कमीशन में दी जानकारी में बताया है कि 76 छात्रों को 1.47 लाख रुपये लौटा दिए गए हैं। 35 छात्रों को एक माह के भीतर अतिरिक्त समय मांगा है।

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