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हेल्पलाइन नंबर और हेल्प डेस्क से कम होगी छात्रों की परेशानी

Tue, 31 May 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Tue, 31 May 2016 12:35 AM IST
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Helpline and helpdesk will be less than the hassle of students
स्टूडेंट - फोटो : Demo Pic

राजकीय कॉलेजों में ऑनलाइन आवेदन के वक्त छात्रों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। छात्रों की मुसीबतें उच्चतर शिक्षा विभाग खुद हल करेगा। कॉलेज में भी हेल्प डेस्क लगाया जाएगा।

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कॉलेज द्वारा ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए कंप्यूटर भी मुहैया कराए जाएंगे। यूनिवर्सिटी स्तर पर समस्या को सुधारने के लिए महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी ने हेल्पलाइन जारी किया है।दरअसल, इस सत्र से राजकीय कॉलेजों में सिर्फ ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
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स्कूल से निकलकर कॉलेज पहुंचने वाले छात्र पहली बार ऑनलाइन आवेदन करेंगे। उच्चतर शिक्षा विभाग का मानना है कि ऐसे में छात्रों को परेशानी हो सकती है। इससे निपटने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग खुद भी तैयार है। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से तीस लाइन वाली स्पेशल हेल्पलाइन नंबर जारी की जाएगी। इसके लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने फाइनेंस विभाग को प्रपोजल बनाकर भेज दिया है।
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अनुमति मिलते ही बीएसएनएल की मदद से हेल्पलाइन नंबर सेवा शुरू कर दी जाएगी। छात्रों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर सारी जानकारी ले सकता है। अगर कही कोई दिक्कत आती है तो हेल्पलाइन नंबर के जरिए ऑनलाइन मदद की जाएगी। यह हेल्पलाइन नंबर 08 घंटे चलेगा। 

कॉलेजों में लगेंगे हेल्प डेस्क
उच्चतर शिक्षा विभाग ने हर कॉलेज में हेल्प डेस्क लगाने का भी निर्णय लिया है। हेल्प डेस्क के साथ छात्रों को कॉलेज के लैब में फॉर्म भरने की भी सुविधा दी जाएगी। शिक्षक छात्रों की मदद करेंगे।

शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग प्रिंसिपल समेत सीनियर टीचर को ट्रेनिंग दी गई है। जो कॉलेज में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। बारी-बारी से शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। आवेदन के वक्त फोटो, हस्ताक्षर, अकादमिक डॉक्यूमेंट के स्कैनिंग की सुविधा भी दी जाएगी। मुख्य फोकस किस कोर्स में क्या-क्या विषय संयोजन (सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन) है? पर रहेगा। 


अरुण जोशी, डिप्टी डायरेक्टर, उच्चतर शिक्षा विभाग: इस बार छात्रों को सिर्फ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। छात्र कहीं से भी आवेदन कर सकेंगे। छात्रों को कोई बिंदु या बातें समझ में नहीं आती है तो वह कॉलेज से संपर्क कर सकता है। इसके लिए हेल्प डेस्क और कंप्यूटर सेवा मौजूद रहेगा। छात्र किसी भी कॉलेज के लिए यहां आकर आवेदन कर सकेगा।

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