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अतिथि शिक्षकों की दोबारा नियुक्ति का विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 12 May 2016 03:47 AM IST
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बीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों ने माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक और प्रवक्ता के अल्पकालिक रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों को दोबारा नियुक्ति देने के प्रयास को असंवैधानिक करार दिया है। प्रशिक्षित बेरोजगारों ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर इस पर रोक लगाने की मांग की है।
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राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में बीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा विजिटिंग शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 2015 में की गई थी। जिनको अस्थायी व्यवस्था के तौर पर सिर्फ 89 दिन के लिए नियुक्त किया गया था। जिन्हें सरकार के आदेश पर पुन: नियुक्ति दी जा रही है। जबकि उच्च न्यायालय पूर्व में ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को असंवैधानिक घोषित कर चुका है।
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ऐसे में अगर छह हजार अतिथि शिक्षकों को नियमित रूप से पुन: नियुक्ति दी जाएगी तो, उत्तराखंड के प्रशिक्षित बेरोजगार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। ज्ञापन भेजने वालों में आलोक परमार, मनीष कमानिया, सचिन अग्रवाल, नितिन जयाड़ा, प्रदीप ध्यानी, गौरव रावत, कल्पना बिष्ट, अर्चन कंडारी, पल्लवी भंडारी आदि शामिल रहे।
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