सरकारी स्कूलों में बच्चों का गणित, साइंस, अंग्रेजी सब गड़बड़
- 10वीं में पढ़ने वाले 1240 स्कूलों के 60 फीसदी छात्र गणित, विज्ञान व अंग्रेजी में कमजोर
- पिछले साल नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों पर हुए राज्य स्तरीय अचीवमेंट सर्वे में हुआ यह खुलासा
- अंग्रेजी में 54 फीसदी, गणित में 60 और विज्ञान में 55 फीसदी के 40 प्रतिशत से कम अंक
- राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में 21 नवंबर 2015 को 86 हजार छात्रों का लिया था टेस्ट
- सर्वे रिपोर्ट ने खोली गुणात्मक शिक्षा देने के दावों और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पोल
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का गणित गड़बड़ है। इन्हें साइंस और अंग्रेजी भी कुछ खास समझ नहीं आ रही है। सूबे के सरकारी स्कूलों में भले ही सरकार गुणात्मक शिक्षा देने का दावा करती है, मगर राज्य स्तरीय अचीवमेंट सर्वे की रिपोर्ट ने सरकार के इन दावों की पोल खोल दी है।
प्रदेश के 1240 सरकारी स्कूलों की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले 60 प्रतिशत बच्चे गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय में कमजोर हैं। साल 2015 में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले 86 हजार विद्यार्थियों पर राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत हुए राज्य स्तरीय अचीवमेंट सर्वे की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
अंग्रेजी विषय में 54 फीसदी, गणित में 60 फीसदी और विज्ञान विषय में 55 फीसदी बच्चों के 40 प्रतिशत से कम अंक आए हैं। सर्वे रिपोर्ट ने राज्य सरकार की गुणात्मक शिक्षा देने के दावों और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पोल खोल कर रख दी है। 21 नवंबर, 2015 को 86 हजार स्टूडेंट्स का राज्य परियोजना निदेशालय ने ऑब्जेक्टिव टाइप सवालों का टेस्ट लिया था।
हर विषय का एक घंटे का पेपर हुआ था। प्रति विषय 50 सवाल पूछे गए थे। ओएमआर शीट पर परीक्षा ली गई थी। कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से पेपर चैक किए गए। अंग्रेजी विषय में प्रदेश के 671 स्कूलों, विज्ञान में 660 स्कूलों और गणित में 846 स्कूलों के 80 फीसदी स्टूडेंट्स के 40 प्रतिशत से अंक आए। कुल 2411 स्कूलों में परीक्षाएं ली गईं।
अंग्रेजी विषय में ये है छात्रों के हाल
- 54.2 फीसदी विद्यार्थियों को 40 प्रतिशत से कम अंक मिले।
- 31.4 फीसदी विद्यार्थियों को 40 से 60 प्रतिशत के बीच में अंक मिले।
- 14.4 फीसदी विद्यार्थी ही 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर सके।
- कुल्लू जिला के 63.1 फीसदी बच्चों के 40 प्रतिशत से कम अंक आए।
- लाहौल-स्पीति के 25.5 फीसदी बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक लिए।
विज्ञान विषय
- 55 फीसदी विद्यार्थियों को 40 प्रतिशत से कम अंक मिले।
- 37.3 फीसदी विद्यार्थियों को 40 से 60 प्रतिशत के बीच में अंक मिले।
- 7.8 फीसदी विद्यार्थी ही 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर सके।
- सिरमौर जिले के 60.8 फीसदी बच्चों के 40 प्रतिशत से कम अंक आए।
- लाहौल-स्पीति जिले के 14.2 विद्यार्थियों ने 60 प्रतिशत से अधिक लिए।
गणित विषय
- 60.2 फीसदी विद्यार्थियों को 40 प्रतिशत से कम अंक मिले।
- 30 फीसदी विद्यार्थियों को 40 से 60 प्रतिशत के बीच में अंक मिले।
- 9.8 फीसदी विद्यार्थी ही 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर सके।
- किन्नौर जिले के सबसे अधिक 72.2 फीसदी बच्चों के 40 प्रतिशत से कम अंक आए।
- कांगड़ा और ऊना जिले के 13-13 फीसदी बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक प्राप्त किए।