लड़कियों और ट्रांसजेंडर को दाखिले में मिलेंगे 12 प्वाइंट
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में अब लड़कियों और ट्रांसजेंडर को दाखिले में 12 प्वाइंट मिलेंगे। यह 12 प्वाइंट दो वर्गों यानी शहरों और पिछड़े क्षेत्रों के आधार पर पांच और सात के अनुपात में होंगे।
वहीं, ओबीसी छात्रों को दाखिले में 12वीं कक्षा, प्रवेश परीक्षा व हॉस्टल में आरक्षण के तहत करीब पांच फीसदी का लाभ मिलेगा। वहीं शहीद की विधवा व सेना में लड़ाई के वक्त घायलों के लिए पांच फीसदी सीट आरक्षित रहेंगी।
विश्वविद्यालय कैंपस में शुक्रवार को एकेडमिक काउंसिल की बैठक वीडियोग्राफी में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता काउंसिल चेयरमैन और कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने की। बैठक ढाई बजे शुरू हुई, जो साढ़े आठ बजे तक चली।
बैठक में सबसे पहले दाखिला नियमों में संशोधन के तहत लड़कियों और ट्रांसजेंडर को 12 प्वाइंट पर छूट की सहमति बनीं। इसके बाद ओबीसी आरक्षण में बदलाव किया गया।
अब बीए लैंग्वेज में दाखिले लेने वाले ओबीसी छात्रों को 12वीं कक्षा के अंकों, प्रवेश परीक्षा के अंकों में सामान्य वर्ग से करीब पांच फीसदी की छूट मिलेगी। जबकि हॉस्टल में 27 फीसदी सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित रहेंगी। विवि में ओबीसी, एससी, एसटी व दिव्यांगों की सीट न भरने के मामले में अब जेएनयू एडमिशन कमेटी द्वारा जांच करने की बात उठी है।
संस्कृत सेंटर में तीन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने पर हंगामा
संस्कृत सेंटर में तीन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने पर हंगामा
जेएनयू छात्रसंघ संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा के मुताबिक, एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कुछ प्रोफेसर ने संस्कृत सेंटर में तीन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव रखा लेकिन वामपंथी शिक्षकों ने हंगामा कर दिया।
हालांकि काउंसिल चेयरमैन ने इस प्रस्ताव को दोबारा सेंटर को भेजते हुए प्रारूप बनाने का निर्देश दिया है। काउंसिल में इंडियन कल्चर, योग और संस्कृत कंप्यूटेशनल लिंगविस्टिक सर्टिफिकेट शुरू करने की मांग उठी है।
दिव्यांग की बजाय पीडब्ल्यूडी रहेगा कॉलम
मोदी ने विशेष लोगों को दिव्यांग का दर्जा देते हुए उन्हें इसी नाम से कहने की बात कही है, लेकिन जेएनयू काउंसिल बैठक में दिव्यांग की बजाय पीडब्ल्यूडी (पर्सन विद डिसएबिलिटी) के नाम से प्रस्ताव पास कर दिया गया। हालांकि इस मामले में एक प्रोफेसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर दिव्यांग शब्द हटाने की मांग कर रही है।