फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   education department strict on private school for admission in EWS quota

EWS कोटे में दाखिला नहीं देने प्राइवेट स्कूलों पर शिक्षा विभाग सख्त

Wed, 27 Apr 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 27 Apr 2016 01:18 AM IST
विज्ञापन
education department strict on private school for admission in EWS quota
एडमिशन घोटाला - फोटो : demo pics

प्राइवेट स्कूलों द्वारा इकोनॉमिकल वीकर सेक्शन(ईडब्ल्यूएस) कोटे में दाखिला नहीं देने पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।  विभाग ने अगले हफ्ते से सभी प्राइवेट स्कूलों का इसे संबंध में ऑडिट कराने का फैसला लिया है। मंगलवार को शिक्षा विभाग और ऑडिटर जरनल(एजी) के अधिकारियों के साथ लंबी मीटिंग हुई है।

विज्ञापन


बैठक में फैसला किया गया कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा ईडब्ल्यूएस कोटे में मनमानी को लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उधर, शिक्षा विभाग ने प्राइवेट के साथ ही सरकारी स्कूलों का भी ऑडिट करने का फैसला लिया है। पूरे प्रोजेक्ट को तीन महीने के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हर स्कूल में ऑडिट टीम के 3 से 4 अधिकारी जांच के लिए जाएंगे।
विज्ञापन


जानकारी अनुसार ऑडिट अधिकारियों ने मंगलवार को शिक्षा विभाग को सभी प्राइवेट स्कूलों से पूछे जाने वाले 50 सवालों की लिस्ट थमा दी है। ऑडिट टीम ने शिक्षा विभाग को मांगी जाने वाली जानकारी का प्रोफार्मा भी सौंप दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षा विभाग एक दो दिन के भीतर सभी प्राइवेट स्कूलों को ऑडिट टीम के आने से पहले ही पूरी जानकारी तैयार रखने के आदेश जारी करेगा। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के 2010-11 से लेकर 2015-16 सत्र तक का ऑडिट करने का फैसला लिया है। एक आला अधिकारी के अनुसार ऑडिट की रिपोर्ट के बाद प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ एक्शन लेने में आसानी होगी।


गौरतलब है कि शहर के कई नामी प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे की 200 से अधिक सीटें खाली पड़ी हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार हर साल 80 से अधिक प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला देने अनिवार्य है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed