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यूजीसी नियमों के विरोध में डूटा ने निकाला मार्च, अब परिवार के साथ करेंगे प्रदर्शन

Sun, 29 May 2016 01:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 29 May 2016 01:06 AM IST
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Duta march against UGC notification
रिंग रोड तक मार्च निकालते डूटा कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला

देशभर के शिक्षकों की सेवा शर्तों के लिए यूजीसी के नियमों के विरोध में दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते सप्ताह से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का बहिष्कार करने के बाद अब शिक्षकों ने परिवार संग सड़क पर उतरने का निर्णय लिया है।

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डीयू के एसआरसीसी कॉलेज में शनिवार को शिक्षकों की आम सभा हुई। इस आम सभा में शिक्षकों ने तय किया कि वह अब अपने परिवार केसाथ 30 मई को मंडी हाउस से मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक मार्च निकालेंगे।
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आम सभा केबाद शिक्षकों ने बड़ी संख्या में सड़क पर उतर कर एसआरसीसी से लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन तक मार्च निकाला। शिक्षकों का कहना है कि जब तक अधिसूचना को वापस नहीं लिया जाता जब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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डीयू के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स सभागार में आयोजित दिल्ली विश्विद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) की आम सभा में डूटा अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण ने कहा कि यूजीसी का गजट नोटिफिकेशन से उच्च शिक्षा व्यवस्था चरमरा जाएगी।

चार हजार से अधिक तदर्थ शिक्षकों की नौकरी पर खतरा बन गया है

Duta march against UGC notification
पैदल मार्च निकालते शिक्षक - फोटो : अमर उजाला

इस अधिसूचना के कारण डीयू में ही चार हजार से अधिक तदर्थ शिक्षकों की नौकरी पर खतरा बन गया है। डूटा पूर्व अध्यक्ष व एकेडमिक्स फोर एक्शन एंड डेवलपमेंट (एएडी) के अध्यक्ष डॉ आदित्य नारायण मिश्रा ने कहा कि यह नोटिफिकेशन शिक्षक समुदाय को मरणासन की स्थिति में पहुंचाने वाला है।

इसलिए इस अधिसूचना को पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए। वहीं, आम सभा में यह निर्णय किया गया कि अब मूल्यांकन प्रक्रिया के कार्य को 2 जून तक नहीं किया जाएगा। उसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।

इस आम सभा में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने हिस्सा लिया। आम सभा में एडहॉक फोरम और एससी-एसटीए ओबीसी फोरम के प्रो हंसराज सुमन ने कहा कि इस नोटिफिकेशन से सबसे ज्यादा अहित एससी-एसटी व ओबीसी शिक्षकों को होगा। ऐसे में अब शिक्षकों को सड़क पर उतरना ही होगा।

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