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डीजेएस प्रारंभिक परीक्षा में नए सिरे से मूल्यांकन करने का निर्देश
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 10 May 2016 09:25 AM IST
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चार सवाल बताए गए गलत
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हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष आयोजित दिल्ली न्यायिक सेवा (डीजेएस)2015 की प्रारंभिक परीक्षा में चार गलत सवाल पूछने के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने हाईकोर्ट रजिस्टार जनरल को उक्त चार गलत सवालों को निकाल कर नए सिरे से उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है।
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न्यायमूर्ति संजीव खन्ना व न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की खंडपीठ ने डीजेएस भर्ती के लिए आरंभिक परीक्षा 2015 के परीक्षार्थी सुमीत कुमार की याचिका पर यह फैसला दिया है। सुमित ने याचिका में तर्क रखा था कि डीजेएस आरंभिक परीक्षा में पूछे गए कई सवाल गलत है। याचिका में कहा गया था कि आरंभिक परीक्षा में कई सवाल या तो पाठ्यक्रम से बाहर के पूछे गए या सवाल का आंसर-की, ही गलत है।
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याची ने खंडपीठ से आग्रह किया था कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को गलत सवालों को हटाकर प्रतिभागी छात्रों को आवंटित अंको का मूल्यांकन करने का आदेश दिया जाए। साथ ही अंकों का दोबारा मूल्यांकन होने तक मुख्य परीक्षा आयोजित करने पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से अधिवक्ता राजीव बंसल ने पीठ को यह बताने का प्रयास किया कि सवाल गलत नहीं हैं बल्कि अलग-अलग शब्दकोष में इसके अलग-अलग मायने होते हैं।
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खंडपीठ ने चार सवालों को हटाने और दोबारा मूल्यांकन करने के बाद प्रतियोगी छात्रों को मुख्य परीक्षा में भाग लेने के लिए चयन करने हेतु कटऑफ माक्र्स तय करने का काम रजिस्ट्रार जनरल पर छोड़ दिया है। साथ ही कहा है कि मुख्य परीक्षा कब आयोजित होंगी यह तय करने की जिम्मेदारी भी हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल पर छोड़ दी है।
परीक्षा में गलत सवाल पूछे जाने की विवाद को लेकर दाखिल याचिकाओं के मद्देनजर हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह अधिसूचना जारी कर 14 और 15 मई को होने वाली मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया था। मुख्य परीक्षा कब होगी, इस बारे में हाईकोर्ट बाद में अधिसूचना जारी करेगा।
क्या है मामला-
दरअसल, पिछले साल अक्तूबर मे हाईकोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा के 100 जजों की भर्ती की भर्ती के लिए आवेदन मंगाए थे। इनमें से 68 सीटें सामान्य श्रेणी के लिए था जबकि शेष आरक्षित वर्गों के लिए। इसके लिए 20 दिसंबर 2015 को ही आरंभिक परीक्षा ली गई। इस परीक्षा का परिणाम 4 मार्च 2016 को घोषित किया गया। अब मुख्य परीक्षा मई में होनी है।