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फीस वृद्धि मामले में बैकफुट पर आई दिल्ली सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 06 Mar 2016 11:22 PM IST
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आईपी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन
- फोटो : Amar Ujala
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गुरू गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेजों में फीस वृद्धि के फैसले पर दिल्ली सरकार बैक फुट पर आ गई है। 104 तकनीकी कॉलेजों में फीस वृद्धि वाले फैसले को सरकार ने वापस लेने का आश्वासन दिया है।
इस मामले में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि छात्रों व अभिभावकों का संघर्ष रंग लाया व उनके आगे सरकार झुक गई।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार जनविरोधी फैसले करती है। फीस वृद्धि के निर्णय पर सरकार को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों से करीब 600 करोड़ रुपया वसूल कर प्राइवेट कॉलेजों की तिजोरी भरने की साजिश रची गई थी।
जिसे भाजपा ने समय रहते पहचान लिया व आंदोलन की घोषणा की। इससे घबराकर मुख्यमंत्री ने शनिवार रात में फैसला को रद्द कर दिया। सरकार ने बढ़ी हुई फीस 15 मार्च तक वसूलने का फैसला किया था।
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इससे लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया था। उन्होंने बताया कि सरकार अगर फैसला वापस नहीं लेती तो जिन छात्रों को 67,500 रुपये से लेकर 81,876 रुपये सालाना फीस जमा करनी होती थी, वह फीस बढ़कर 1,20,000 रुपये हो जाता।
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इस मामले में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि छात्रों व अभिभावकों का संघर्ष रंग लाया व उनके आगे सरकार झुक गई।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार जनविरोधी फैसले करती है। फीस वृद्धि के निर्णय पर सरकार को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों से करीब 600 करोड़ रुपया वसूल कर प्राइवेट कॉलेजों की तिजोरी भरने की साजिश रची गई थी।
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जिसे भाजपा ने समय रहते पहचान लिया व आंदोलन की घोषणा की। इससे घबराकर मुख्यमंत्री ने शनिवार रात में फैसला को रद्द कर दिया। सरकार ने बढ़ी हुई फीस 15 मार्च तक वसूलने का फैसला किया था।
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इससे लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया था। उन्होंने बताया कि सरकार अगर फैसला वापस नहीं लेती तो जिन छात्रों को 67,500 रुपये से लेकर 81,876 रुपये सालाना फीस जमा करनी होती थी, वह फीस बढ़कर 1,20,000 रुपये हो जाता।