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फर्जीवाड़े पर लगाम के लिए एकेटीयू की परीक्षा समिति का फैसला

Tue, 22 Mar 2016 01:57 AM IST
लखनऊ, अमर उजाला/ब्यूरो
लखनऊ, अमर उजाला/ब्यूरो Updated Tue, 22 Mar 2016 01:57 AM IST
सार

  • कॉलेजो को 15 दिन पर स्टूडेंट्स की उपस्थिति ऑनलाइन करानी होगी अपलोड। 
  • परीक्षा संबंधित सभी कामों में सिटीजन चार्टर लागू।
  • सभी कक्षाओं के रिजल्ट 30 जून तक घोषित।

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decision of aktu pariksha samiti
एकेटीयू की नई व्यवस्था - फोटो : demo pic

विस्तार

एकेटीयू ने कॉलेजो के फर्जीवाड़े पर लगाम के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। जिसमें सेशनल के अंक न देने पर कॉलेज को एक लाख जुर्माना भरना होगा। 

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डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि (एकेटीयू) ने कॉलेजों के फर्जीवाड़े पर लगाम के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। सभी कॉलेजों को स्टूडेंट्स के सेशनल के नंबर ऑनलाइन भेजने होंगे।
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इसमें देरी पर कॉलेज पर एक लाख रुपये जुर्माना लगेगा। अब सभी कॉलेजों को हर 15 दिन पर स्टूडेंट्स की उपस्थिति ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। ये फैसले शुक्रवार को कुलपति प्रो. विनय पाठक की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में हुए। 
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विवि ने परीक्षा संबंधित सभी कामों में सिटीजन चार्टर लागू करने की बात कही है। प्रो. विनय पाठक ने बताया कि इस बार उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन होगा। 

स्टूडेंटस की अंकतालिका भेजी जाएगी घर

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एकेटीयू की नई व्यवस्था - फोटो : demo pic

इस वजह से स्टूडेंट्स जांची हुई कॉपी ऑनलाइन देख सकेंगे। चैलेंज मूल्यांकन के लिए स्टूडेंट्स को 30 दिन में दावा करना होगा। प्रैक्टिकल दो से 10 मई के बीच, जबकि लिखित परीक्षा 12 मई से शुरू होगी।

सभी कक्षाओं के रिजल्ट 30 जून तक घोषित किए जाएंगे। बैठक में कुलसचिव केके चौधरी, वित्त अधिकारी भानु प्रकाश, परीक्षा नियंत्रक प्रो. जेपी पांडेय, अपर परीक्षा नियंत्रक डॉ.दीपक नगरिया, संयुक्त परीक्षा नियंत्रक विद्या सागर उपस्थित रहे।

स्टूडेंट्स की अंक तालिका सीधे घर भेजी जाएगी। अभी तक कॉलेजों को अंक तालिका भेजी जाती थी। कॉलेज स्टूडेंट्स से मार्क्सशीट की फीस लेने के बावजूद अंकपत्र नहीं देते थे। अब डिग्री, माइग्रेशन, ट्रांसस्क्रिप्ट के लिए एक बार शुल्क लिया जाएगा। यह फीस 6,500 रुपये है।

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