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उत्तर पुस्तिकाएं नहीं जांचेंगे कॉलेज प्राध्यापक, किया बहिष्कार

Thu, 28 Apr 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी Updated Thu, 28 Apr 2016 12:13 AM IST
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 college teacher protest againest education departmetn, will not check answar sheets.
कॉलेज टीचर एसोसिएशन ने चार मई से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। - फोटो : demo pic

प्रदेश कॉलेज टीचर एसोसिएशन ने चार मई से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। लंबे अरसे से चल रही मांगों के पूरा नहीं होने से एसोसिएशन ने यह एलान किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद विभाग ने प्राध्यापकों की मांगों पर सुनवाई नहीं की। इससे स्पष्ट है कि विभागीय अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेशों की कोई परवाह नहीं करते हैं।

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मंडी में पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के राज्य प्रधान प्रो. राजेश यादव ने कहा कि वर्ष 2010 के बाद कॉलेज प्राध्यापकों को डीपीसी का लाभ नहीं दिया गया है। चौथे पे-बैंड का लाभ भी लंबे अरसे से नहीं मिल रहा है। पीएचडी होल्डरों की इंक्रीमेंट भी रोक दी गई है। उन्होंने कहा कि यूजीसी नियमों पर ताक पर रखकर पहले तो अनुबंध पर प्राध्यापकों को कॉलेजों में नियुक्त किया गया।
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इसके बाद हर साल इन्हें अनुबंध के आधार पर इंक्रीमेंट दी गई, लेकिन जब इन्हें नियमित करने का समय आया तो इंक्रीमेंट रद्द कर दी गई। एसोसिएशन ने यूजीसी से ग्रांट ले रहे प्राइवेट कॉलेजों की तर्ज पर सेवानिवृत्ति की उम्र भी 60 वर्ष करने की मांग उठाई है। प्रो. राजेश ने कहा कि कई बार मुख्यमंत्री को कॉलेज प्राध्यापकों की मांगों के बारे में बताया।
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सीएम ने विभाग को प्राध्यापकों की मांगों पर गौर करने के आदेश भी दिए। बावजूद इसके मुख्यमंत्री के आदेशों की पालना नहीं हो रही है। अब एसोसिएशन को आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। सरकार ने समस्या के समाधान को हर बार 10 दिन में कार्रवाई करने की बात कही, लेकिन हर बार मांगों को अनसुना किया गया। कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय ने कॉलेजों में ही मूल्यांकन करने के आदेश दिए हैं।

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