पहले टीसी कटवाई ली, अब भटक रहे दाखिले के लिए
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सरकार और निजी स्कूलों की लड़ाई के बीच आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) अभिभावकों के बच्चे पिस रहे हैं। निजी स्कूलों में हरियाणा शिक्षा नियम 134 ए के तहत दाखिले के लिए परीक्षा पास करने के बाद शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर दिया।
इसके बाद अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम स्कूलों से कटवा दिया। अब निजी स्कूलों ने बच्चों को दाखिला देने से मना कर दिया है। ऐसे में अभिभावक दाखिले के लिए खंड शिक्षा अधिकारी से लेकर मंडलायुक्त के दफ्तर तक का चक्कर काट रहे हैं। बुधवार को अभिभावक मंडलायुक्त डी. सुरेश से मिले।
उनका कहना है कि शिक्षा विभाग के पत्र जारी होने के बाद स्कूलों ने दूसरे स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों के ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) मंगवा लिए, लेकिन अब दाखिला देने से मना कर दिया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल बिना फीस लिए दाखिला देने को तैयार नहीं है।
टीसी कट जाने की वजह से छात्र पहले वाले स्कूल से भी बाहर हो गए है
टीसी कट जाने की वजह से छात्र पहले वाले स्कूल से भी बाहर हो गए है। अब स्कूलों में गर्मी की छुट्टी हो गई है और किसी स्कूल में दाखिला होना संभव नहीं है। ऐसे में उनका एक वर्ष बर्बाद हो जाएगा।
मामले को सुनने के बाद मंडलायुक्त ने कहा कि इस बारे में स्कूलों से बातचीत की जा रही है। शिक्षा विभाग को इस बाबत आदेश दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी को भेजकर तुरंत मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। जल्द ही बच्चों के स्कूलों में एडमिशन कराए जाएंगे।
मेरा बेटा गड़ौली के कर्नल पब्लिक स्कूल में कक्षा एक में पढ़ रहा था। ईडब्ल्यूएस के तहत दाखिले के लिए उसने परीक्षा भी पास कर ली। इसके बाद ज्ञान देवी पब्लिक स्कूल में कक्षा दो में दाखिले के लिए पत्र भी जारी कर दिया गया। एडमिशन के लिए टीसी मंगवा ली, लेकिन अब स्कूल ने दाखिला देने से मना कर दिया गया। दाखिले नहीं हुआ तो बच्चे का एक वर्ष बर्बाद हो जाएगा। -इबने हसन
बेटे का तीसरी कक्षा में एसडी आदर्श स्कूल में दाखिले के लिए पत्र जारी किया गया था, लेकिन अब स्कूल ने दाखिला देने से मना कर दिया था। इससे पहले वाले स्कूल से टीसी भी कटवा ली है। अब घर पर बच्चा बैठा है। दाखिला नहीं हुआ तो उसका एक वर्ष बर्बाद हो जाएगा।-रेखा