नेशनल कॉलेज के 628 स्टूडेंट्स का कैंपस प्लेसमेंट
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नेशनल पीजी कॉलेज में कैंपस प्लेसमेंट पाने वाले 628 छात्र-छात्राओं के लिए शनिवार को सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इस सत्र में ब्रिटिश टेलीकॉम, एऑन, टॉमी हिलफिगर, आईसीआईसीआई, टीसीए, आईजीटी, जेनपैक्ट सहित राष्ट्रीय स्तर की कुल 18 कंपनियां कैंपस सलेक्शन के लिए आईं।
डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष कॉलेज से केवल लगभग 400 स्टूडेंट्स को ही नौकरी मिली थी। अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कुल संख्या लगभग 1250 है।
इसके अनुसार इस बार 50 फीसदी छात्र-छात्राओं को प्लेसमेंट मिला है। इनमें बीसीए का प्लेसमेंट जहां 100 फीसदी रहा, वहीं बीबीए का 80 फीसदी। बाकी कोर्सेज में औसतन 40 फीसदी के करीब प्लेसमेंट है।
पांच-पांच कंपनियों तक से मिले ऑफर
कैंपस प्लेसमेंट पाने वाले बहुत से स्टूडेंट्स तो ऐसे हैं, जिन्हें एक से अधिक कंपनियों में नौकरी का ऑफर मिला। इनमें छात्रा अनु मनहास और ट्विंकल मित्तल को पांच-पांच कंपनियों में नौकरी का ऑफर मिला तो सत्यम टंडन, प्रतीक बाजपेई, स्निग्धा अग्रवाल, सुनिधि और अंशी मेहरोत्रा को चार-चार ऑफर मिले।
इसके अलावा 13 स्टूडेंट्स को तीन-तीन, 29 स्टूडेंट्स को दो-दो जबकि बाकी का एक-एक कंपनी में सलेक्शन हुआ। डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इस साल सर्वाधिक 3.4 लाख का सर्वाधिक वार्षिक पैकेज अरवाटो कम्पनी जबकि न्यूनतम 1.85 लाख का जेनपैक द्वारा दिया गया है।
इन सभी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार आलोक पांडेय ने स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण ने किया। इस अवसर पर प्लेसमेंट प्रभारी डॉ. शालिनी लाम्बा, लुआक्टा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मौलिंदू मिश्रा भी उपस्थित रहे।
अब कंपनियों से करेंगे एमओयू
इस साल बढ़े प्लेसमेंट्स से कॉलेज में काफी उत्साह है। इसे देखते हुए अब कॉलेज ने इस दिशा में अधिक प्रयास करने की रणनीति बनाई है।
डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि आगामी सत्र में छात्र-छात्राओं की ट्रेनिंग पर विशेष फोकस रहेगा, जिससे कि प्लेसमेंट और पैकेज दोनों बढ़ें।
उन्होंने बताया कि इसके लिए प्लेसमेंट एजेंसीज व विभिन्न कंपनियों से एमओयू साइन किए जाएंगे। यह एमओयू नौकरी देने के नहीं बल्कि पढ़ाई के साथ इन सर्विस ट्रेनिंग के होंगे।
इसके अलावा कंपनियों से उनकी जरूरत पूछकर उसके अनुसार विभिन्न कोर्स के सिलेबस में ऐसा स्टडी कंटेंट शामिल किया जाएगा, जिससे कि स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री के लिए उपयोगी शिक्षा मिले।