तीन साल के बाद फिर से शुरू होगा बीपीएड का कोर्स
- विवि में 2013-14 से बीपीएड में नहीं लिए गए प्रवेश
- शारीरिक शिक्षा विभाग हो चुका है काफी आधुनिक
- कोर्स का समय एक साल से बढ़ाकर हो गया है दो साल
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तीन साल के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय में एक बार फिर से बीपीएड की पढ़ाई होगी। आगामी सत्र से इस कोर्स में प्रवेश लिए जाएंगे। मालूम हो कि विवि में 2013-14 से बीपीएड में प्रवेश नहीं लिए गए।
दरअसल, विवि में बीपीएड कोर्स में मानकों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) में शिकायत की गई थी। इसके बाद एनसीटीई ने इस पर रोक लगा दी। इस मामले में लंबी लड़ाई के बाद 2015 में एनसीटीई ने विवि में बीपीएड की मान्यता को फिर रिवाइव कर दिया।
मगर, यह मान्यता 2016-17 से दी। हालांकि, विवि ने एनसीटीई से 2015 से प्रवेश की अनुमति मांगी, लेकिन इस प्रक्रिया में देरी के चलते 2015 में भी प्रवेश नहीं हो सके। मगर, इस बार बीपीएड प्रवेश का रास्ता साफ है।
विवि में जब कोर्स बंद हुआ तो बीपीएड की 50 सीटें हुआ करती थीं, लेकिन आगामी सत्र से इसमें 100 सीटें होंगी। शारीरिक शिक्षा विभाग के समन्वयक डॉ. नीरज जैन ने बताया कि एनसीटीई ने कोर्स का समय एक साल से बढ़ाकर दो साल करने के साथ ही बीपीएड का सेक्शन 50 की जगह 100 स्टूडेंट्स का कर दिया है।
उन्होंने बताया कि गत वर्ष देरी के चलते बीपीएड के प्रवेश प्रभावित हुए थे। इसीलिए इस बार अप्रैल से ही आवेदन प्रक्रिया शुरू करने पर विचार हो रहा है। इसके लिए जल्द ही कुलपति से अनुमति ली जाएगी।
एमपीएड में सीट बढवाने का भेजा प्रस्ताव
बता दें कि 2015 में विवि ने बीपीएड के आवेदन लेने के बाद कोर्स न चलाने की बात कही थी। उस समय अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क वापस किया गया था। बीपीएड कोर्स शुरू करने के साथ ही विवि ने एमपीएड कोर्स में भी सीटें बढ़वाने का प्रस्ताव एनसीटीई को भेजा है।
वर्तमान में विवि के पास एमपीएड की 30 सीटें हैं जबकि इसके लिए आवेदन करने वालों की संख्या काफी अधिक रहती है। डॉ. जैन ने बताया कि एनसीटीई से 40 सीटें करने का प्रस्ताव भेजा गया है जो कि उम्मीद है जल्द ही स्वीकृत होगा।
उन्होंने बताया कि विवि में शारीरिक शिक्षा विभाग काफी आधुनिक हो चुका है। यहां 2015 से न सिर्फ एयरकंडीशन कक्ष उपलब्ध हैं बल्कि स्मार्ट क्लास रूम और कसरत के लिए आधुनिक तकनीक की मशीनें भी। विवि के केवल इसी विभाग में बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था भी है।
एक तरफ एलयू में आगामी सत्र से बीपीएड शुरू हो रहा है, वहीं दूसरी ओर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय भी अपने यहां बीपीएड की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने डॉ. मनोज कुमार ढडवाल की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया है।
इसमें पंजाब और ग्वालियर के एक्सपर्ट्स भी शामिल हैं। प्रो. सोबती ने बताया कि इसी सोमवार को वह बीपीएड कोर्स के सिलसिले में बैठक भी करने वाले हैं। कमेटी को कहा गया है कि वह उन सभी मानकों को देखे जो इस कोर्स को शुरू करने के लिए जरूरी हैं।