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सीएसजेएमयू: ईडब्ल्यूएस कोटा लागू करने में हुई बड़ी चूक, 25 फीसदी की जगह 10 प्रतिशत ही बढ़ाई सीटें
Mon, 15 Jul 2019 01:51 PM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 15 Jul 2019 01:51 PM IST
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सीएसजेएम विश्वविद्यालय
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कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) और संबद्ध महाविद्यालयों में दस प्रतिशत इकनॉमिकल वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) आरक्षण लागू करने में बड़ी चूक सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कोटे के तहत केवल दस प्रतिशत सीटों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है जबकि नियमानुसार इसमें करीब 25 प्रतिशत सीटें बढ़नी चाहिए। इससे अन्य वर्ग के आरक्षण प्रतिशत पर प्रभाव पड़ा है।
गलती सामने आने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी समीक्षा करने की बात कही है। रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के आरक्षण नियमावली का अध्ययन किया जाएगा। अगर कहीं चूक हुई है तो उसमें सुधार किया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक दस प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटा लागू करने से अन्य आरक्षित वर्ग की सीटों पर कोई प्रभाव न पड़े, इसका ख्याल रखते हुए अन्य संस्थानों ने करीब 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाई हैं।
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गलती सामने आने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी समीक्षा करने की बात कही है। रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के आरक्षण नियमावली का अध्ययन किया जाएगा। अगर कहीं चूक हुई है तो उसमें सुधार किया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक दस प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटा लागू करने से अन्य आरक्षित वर्ग की सीटों पर कोई प्रभाव न पड़े, इसका ख्याल रखते हुए अन्य संस्थानों ने करीब 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाई हैं।
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उदाहरण के लिए अगर किसी संस्थान में बीए की 60 सीटें हैं। अब इसमें ईडब्ल्यूएस के लिए दस प्रतिशत सीट बढ़ाई जाएं तो छह सीटों की बढ़ोतरी होगी। अब इसमें अन्य आरक्षित वर्ग के लिए 50 प्रतिशत सीट निकाल दी जाएं तो केवल तीन सीटें ही ईडब्ल्यूएस के लिए बचेंगी। मतलब ईडब्ल्यूएस का सही आरक्षण नहीं लागू हो पाएगा।
अगर कोई संस्थान बढ़ी हुईं छह सीटों में 50 प्रतिशत अन्य आरक्षित वर्ग को नहीं देता है तो ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के आरक्षण प्रतिशत में कमी आ जाएगी। जो सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के नियमों का उल्लंघन होगा। ऐसे में 25 फीसदी सीटें बढ़ाने पर संतुलन बनेगा।
लॉगइन पर नहीं पहुंचीं सीटें
दस प्रतिशत सीट बढ़ोतरी का एलान करने के बावजूद अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों के लॉगइन पर सीटें नहीं बढ़ाई हैं। कई कॉलेजों ने इसकी शिकायत की है। हालांकि रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि कॉलेज अपने हिसाब से दस प्रतिशत सीटें बढ़ाकर ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों को एडमिशन दे सकते हैं। लॉगइन पर इसके लिए सीटें उपलब्ध करा दी गई हैं।
अगर कोई संस्थान बढ़ी हुईं छह सीटों में 50 प्रतिशत अन्य आरक्षित वर्ग को नहीं देता है तो ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के आरक्षण प्रतिशत में कमी आ जाएगी। जो सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के नियमों का उल्लंघन होगा। ऐसे में 25 फीसदी सीटें बढ़ाने पर संतुलन बनेगा।
लॉगइन पर नहीं पहुंचीं सीटें
दस प्रतिशत सीट बढ़ोतरी का एलान करने के बावजूद अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों के लॉगइन पर सीटें नहीं बढ़ाई हैं। कई कॉलेजों ने इसकी शिकायत की है। हालांकि रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि कॉलेज अपने हिसाब से दस प्रतिशत सीटें बढ़ाकर ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों को एडमिशन दे सकते हैं। लॉगइन पर इसके लिए सीटें उपलब्ध करा दी गई हैं।