बीएड के स्टूडेंट्स को देनी होगी अब 51 हजार रूपये फीस
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एक तरफ लखनऊ विश्वविद्यालय बीएड कॉलेजों में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा की तैयारियों में जुटा है। वहीं दूसरी ओर अनुदानित कॉलेजों के सामने समस्या है कि वह अपने यहां प्रवेश कैसे लेंगे।
असल में एनसीटीई ने सत्र 2015-17 से बीएड के कोर्स को दो साल का करने के साथ शिक्षकों की नियुक्ति के मानक बदले हैं। लेकिन अभी तक नए मानक के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया ही शुरू नहीं हुई है।
सेल्फ फाइनेंस में देने होंगे 51,250 रुपये
अनुदानित कॉलेजों ने इस समस्या को लेकर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा समेत लविवि के कुलपति को भी समस्या से अवगत कराते हुए पत्र भेजा है।
कॉलेजों ने बिना शिक्षक बढ़ाए प्रवेश लेने में असमर्थता जताई है। यदि अनुदानित कॉलेज प्रवेश न लेने पर अड़ गए तो अभ्यर्थियों के सामने सिर्फ सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में पढ़ाई का विकल्प रह जाएगा।
अनुदानित कॉलेजों में जहां उन्हें चार से सात हजार रुपये सालाना शुल्क देना होता है वहीं सेल्फ फाइनेंस में 51,250 रुपये देने होंगे।