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एडमिशन फीस और महंगी किताबों के बोझ से बिगड़ेगा बजट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sun, 20 Mar 2016 08:10 AM IST
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कैंपस, एडमिशन
- फोटो : फाइल फोटो
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शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में अगले सत्र के लिए दाखिले शुरू हो चुके हैं। बोर्ड कक्षाओं को छोड़ अन्य का रिजल्ट जारी कर दिया है। जबकि कुछ स्कूल 25 मार्च तक रिजल्ट घोषित करने की तैयारी में है। नए सत्र में बच्चों के दाखिले के लिए भारी भरकम फीस और महंगी किताबों के कारण अभिभावकों का बजट बिगड़ सकता है। शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों मेें एक बच्चे की फीस, किताबें और ड्रेस का कुल खर्च 20 हजार से 30 हजार तक संभावित है। दो बच्चों के दाखिले पर अभिभावकों को 50 हजार तक खर्च करना पड़ेगा।
बुक सेट 1 से 5 हजार तक
प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों की ओर से रिजल्ट घोषित करते ही शहर की बुक शॉप्स पर किताबें खरीदने के लिए भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सेक्टर-7, 19 और 17 में बुक शॉप्स पर देर शाम तक भीड़ जुटने लगी है। जानकारी के अनुसार नर्सरी-केजी से लेकर 9वीं तक की किताबों का सेट 1 से 5 हजार तक मिल रहा है। कई बुक शॉप्स पर अभिभावकों को पूरा सेट खरीदने के लिए कहा जा रहा है।
शिकायत मिली तो प्राइवेट स्कूलों पर होगी कार्रवाई
शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूल के अभिभावकों को किताबें या ड्रेस किसी खास दुकान पर खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। पिछले साल अभिभावकों की शिकायत के बाद इस बार विभाग ने पहले ही स्कूलों को इस संबंध में नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभिभावक इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दे सकते हैं। शिकायतों की जांच के लिए विभाग एक कमेटी भी गठित करेगा।
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सरकारी स्कूल बेहतर विकल्प
शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में एंट्री लेवल पर ही बच्चों के दाखिले, ड्रेस और किताबों पर 30 से 50 हजार खर्च आम बात है। लेकिन अभिभावकों के पास कम खर्च में भी बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए सरकारी स्कूल अच्छे विकल्प हैं। चंडीगढ़ के 107 सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर काफी अच्छा है। नर्सरी से आठवीं तक बच्चों को निशुल्क पढ़ाई के अलावा मिड डे मील, किताबें और ड्रेस भी फ्री उपलब्ध कराई जाती हैं।
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बुक सेट 1 से 5 हजार तक
प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों की ओर से रिजल्ट घोषित करते ही शहर की बुक शॉप्स पर किताबें खरीदने के लिए भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सेक्टर-7, 19 और 17 में बुक शॉप्स पर देर शाम तक भीड़ जुटने लगी है। जानकारी के अनुसार नर्सरी-केजी से लेकर 9वीं तक की किताबों का सेट 1 से 5 हजार तक मिल रहा है। कई बुक शॉप्स पर अभिभावकों को पूरा सेट खरीदने के लिए कहा जा रहा है।
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शिकायत मिली तो प्राइवेट स्कूलों पर होगी कार्रवाई
शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूल के अभिभावकों को किताबें या ड्रेस किसी खास दुकान पर खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। पिछले साल अभिभावकों की शिकायत के बाद इस बार विभाग ने पहले ही स्कूलों को इस संबंध में नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभिभावक इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दे सकते हैं। शिकायतों की जांच के लिए विभाग एक कमेटी भी गठित करेगा।
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सरकारी स्कूल बेहतर विकल्प
शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में एंट्री लेवल पर ही बच्चों के दाखिले, ड्रेस और किताबों पर 30 से 50 हजार खर्च आम बात है। लेकिन अभिभावकों के पास कम खर्च में भी बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए सरकारी स्कूल अच्छे विकल्प हैं। चंडीगढ़ के 107 सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर काफी अच्छा है। नर्सरी से आठवीं तक बच्चों को निशुल्क पढ़ाई के अलावा मिड डे मील, किताबें और ड्रेस भी फ्री उपलब्ध कराई जाती हैं।