विवाद से विश्वास स्कीम की समयसीमा मार्च 2021 तक बढ़ी, करदाताओं को मिलेगी और राहत
सरकार ने टैक्स विवादों के निपटान के लिए लाई गई 'विवाद से विश्वास स्कीम' की समयसीमा बढ़ा दी है। सरकार ने इसकी समयसीमा को 31 दिसंबर 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक कर दी है। इस बात की जानकारी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मंगलवार को दी। इस स्कीम के तहत करदाता सरकार के साथ बिना अतिरिक्त शुल्क के अपने पुराने टैक्स विवाद को निपटा सकते हैं। सरकार के इस फैसले से निश्चित तौर पर करदाताओं को और राहत मिलेगी।
In order to provide further relief to the taxpayers desirous of settling disputes under 'Vivad Se Vishwas Scheme', the Government today further extended the date for making payment without additional amount from 31st December 2020 to 31st March 2021: Central Board of Direct Taxes pic.twitter.com/HeN7eLxIBC
— ANI (@ANI) October 27, 2020विज्ञापन
क्या है विवाद से विश्वास स्कीम?
इस स्कीम का मकसद लंबित कर विवादों का समाधान करना है। इस स्कीम के तहत करदाताओं को केवल विवादित टैक्स राशि का भुगतान करना होगा। उन्हें ब्याज और जुर्माने पर पूरी छूट मिलेगी।
कौन उठा सकता है इसका फायदा?
31 जनवरी 2020 तक जो मामले कमिश्नर (अपील), इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल, हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित थे, उन टैक्स के मामलों पर यह स्कीम लागू होगी। लंबित अपील टैक्स विवाद, पेनाल्टी या ब्याज से जुड़ी हो सकती है। एसेसमेंट या रीएसेसमेंट से भी इसका नाता हो सकता है।