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ईरानी जनरल पर ड्रोन हमले के बाद जूता कारोबारी चिंतित, हालात पर निर्यातकों की नजर
Sun, 05 Jan 2020 01:36 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 05 Jan 2020 01:36 PM IST
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- फोटो : social media
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ईरानी जनरल पर हुए ड्रोन हमले के बाद बिगड़े हालातों ने शहर के जूता निर्यातकों को सहमा दिया है। ताजनगरी से ईरान के लिए सीधे जूता निर्यात कम है, लेकिन दुबई के जरिए सप्लायर काफी माल भेजते हैं। बिगड़ रहे हालातों का निर्यात पर बुरा असर पड़ सकता है। शहर में खाड़ी देशों के लिए लाखों जोड़ी जूतों के आर्डर इन दिनों तैयार हो रहे हैं।
ईरान, सऊदी अरब, यूएई समेत खाड़ी देशों को जूता निर्यात कर रहे निर्यातक अशोक जैन सीए मौजूदा तनाव भरे हालातों पर नजर जमाए हुए हैं। अशोक जैन सीए के मुताबिक उनके यहां छह हजार जोड़ी जूते ईरान के लिए तैयार हो रहे हैं।
हालात बिगड़ने पर डिलीवरी नहीं हो पाएगी। ईरान के कारण पूरे खाड़ी देशों में माल पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। शिपमेंट नहीं पहुंचेंगी तो निर्यातकों की बड़ी रकम फंस जाएगी।
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ईरान, सऊदी अरब, यूएई समेत खाड़ी देशों को जूता निर्यात कर रहे निर्यातक अशोक जैन सीए मौजूदा तनाव भरे हालातों पर नजर जमाए हुए हैं। अशोक जैन सीए के मुताबिक उनके यहां छह हजार जोड़ी जूते ईरान के लिए तैयार हो रहे हैं।
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हालात बिगड़ने पर डिलीवरी नहीं हो पाएगी। ईरान के कारण पूरे खाड़ी देशों में माल पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। शिपमेंट नहीं पहुंचेंगी तो निर्यातकों की बड़ी रकम फंस जाएगी।
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खाड़ी देशों को निर्यात कर रहे एफमेक सदस्य जितेंद्र त्रिलोकानी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा तो जूता निर्यात पर बुरा असर पड़ेगा। दुबई के जरिए खाड़ी देशों को आगरा का जूता बड़ी मात्रा में पहुंचता है। एफमेक के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन एएस राणा का कहना है कि हालातों में कैसे नुकसान कम से कम हो, इस पर सोचा जाना चाहिए।
ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों की बढ़ेगी मुसीबत
अमेरिका और ईरान के बीच संबंध बिगड़ने और बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं। इसका असर डीजल और पेट्रोल पर पड़ना तय है। पहले से ही टोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्टर परेशान थे, अब फिर से बढ़ोतरी हुई तो ट्रांसपोर्ट कारोबार उनके लिए नई मुसीबतें ला सकता है।
ट्रांसपोर्टर देवेंद्र गुप्ता के मुताबिक कच्चे तेल का महंगा होना शुरू हो गया है। हालात बिगड़े तो डीजल पेट्रोल महंगा होने से ढुलाई की लागत बढ़ जाएंगी और हर चीज महंगी होनी तय है। केवल परिवहन ही नहीं, बल्कि उत्पादन भी महंगा हो जाएगा। किसानों की फसल की लागत भी बढ़ जाएगी।
ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों की बढ़ेगी मुसीबत
अमेरिका और ईरान के बीच संबंध बिगड़ने और बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं। इसका असर डीजल और पेट्रोल पर पड़ना तय है। पहले से ही टोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्टर परेशान थे, अब फिर से बढ़ोतरी हुई तो ट्रांसपोर्ट कारोबार उनके लिए नई मुसीबतें ला सकता है।
ट्रांसपोर्टर देवेंद्र गुप्ता के मुताबिक कच्चे तेल का महंगा होना शुरू हो गया है। हालात बिगड़े तो डीजल पेट्रोल महंगा होने से ढुलाई की लागत बढ़ जाएंगी और हर चीज महंगी होनी तय है। केवल परिवहन ही नहीं, बल्कि उत्पादन भी महंगा हो जाएगा। किसानों की फसल की लागत भी बढ़ जाएगी।